महिला आरक्षण लागू करें या फिर स्वीकार करे कि वह महिलाओं के हितों के खिलाफ है: अखिलेश

लखनऊ, 05 मई 2026। समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने केंद्र की भारतीय जनता पार्टी नीत सरकार पर निशाना साधते हुए उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव 2027 में महिला आरक्षण लागू करने की मांग की है। उन्होंने कहा कि सरकार या तो तुरंत इस पर निर्णय ले या फिर साफ तौर पर स्वीकार करे कि वह महिलाओं के हितों के खिलाफ है।

अखिलेश यादव ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर पोस्ट करते हुए भाजपा को चुनौती दी कि आगामी चुनाव में महिलाओं को आरक्षण देने की घोषणा की जाए। उन्होंने कहा कि पीडीए (पिछड़े, दलित और अल्पसंख्यक) की मांग है कि संसद में पारित महिला आरक्षण को उत्तर प्रदेश में भी लागू किया जाए।

उन्होंने अपने बयान में कहा कि यदि सरकार यह कदम नहीं उठाती है तो यह साबित हो जाएगा कि “पुरुषवादी सोच” रखने वाली भाजपा और उसके सहयोगी महिलाओँ को बराबरी का अधिकार देने के पक्ष में नहीं हैं। उन्होंने यह भी कहा कि जब तक इस पर स्पष्ट घोषणा नहीं होती, तब तक उनकी पार्टी इस मुद्दे को लगातार उठाती रहेगी।

सपा प्रमुख ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का एक वीडियो भी साझा किया, जिसमें वे समाजवादी पार्टी पर संसद में महिला आरक्षण का विरोध करने का आरोप लगा रहे हैं। इस पर पलटवार करते हुए अखिलेश ने कहा कि विपक्ष ने मिलकर इस कानून का समर्थन किया है।

राजनीतिक विश्लेषकों के अनुसार, अखिलेश यादव की यह मांग उनकी पीडीए रणनीति का हिस्सा है, जिसके जरिए वे 2027 के विधानसभा चुनाव से पहले पिछड़े, दलित और अल्पसंख्यक वर्गों के साथ-साथ महिला मतदाताओं को भी साधने की कोशिश कर रहे हैं।

गौरतलब है कि 2011 की जनगणना के आधार पर प्रस्तावित परिसीमन प्रक्रिया के बाद 2029 के लोकसभा चुनाव से पहले महिला आरक्षण कानून को लागू करने की योजना है। इसके तहत लोकसभा सीटों की संख्या 543 से बढ़ाकर 816 करने और राज्यों की विधानसभाओं में भी 33 प्रतिशत आरक्षण सुनिश्चित करने का प्रस्ताव है।

इस संबंध में केंद्र सरकार द्वारा लाया गया संविधान (131वां संशोधन) विधेयक 17 अप्रैल को संसद में पारित नहीं हो सका था। इसके बाद से भाजपा और विपक्ष के बीच महिला आरक्षण को लेकर राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई है।

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