कोलकाता 22 अप्रैल 2026 (यूएनएस)। पश्चिम बंगाल में चुनावी माहौल के बीच उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बुधवार को कोलकाता के जोरासांको में अपनी पहली जनसभा को संबोधित करते हुए तृणमूल कांग्रेस और मुख्यमंत्री ममता बनर्जी पर तीखा हमला बोला। उन्होंने दावा किया कि 4 मई को चुनाव परिणाम आने पर राज्य में भाजपा का भगवा ध्वज लहराएगा।
सभा में बड़ी संख्या में समर्थक ‘योगी जी बुलडोजर लाओ, हम तुम्हारे साथ हैं’ लिखे पोस्टर लेकर पहुंचे थे। मुख्यमंत्री ने कहा कि 23 अप्रैल को होने वाले पहले चरण के मतदान में भाजपा करीब 80 प्रतिशत सीटें जीतने जा रही है और राज्य में परिवर्तन की लहर स्पष्ट दिखाई दे रही है। उन्होंने जनता से अपने मताधिकार का सही इस्तेमाल करने की अपील की।
सीएम योगी ने आरोप लगाया कि टीएमसी के नेता बंगाल की अस्मिता से खिलवाड़ कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि बंगाल की पहचान काबा से नहीं, बल्कि मां कालीबाड़ी से है। साथ ही इशारों में अभिषेक बनर्जी और ममता बनर्जी पर निशाना साधते हुए उन्हें ‘बुआ-भतीजा’ बताते हुए राज्य के अस्तित्व को कमजोर करने का आरोप लगाया।
उन्होंने रवींद्र नाथ टैगोर की जोरासांको ठाकुरबाड़ी का जिक्र करते हुए कहा कि यह स्थान बंगाल की सांस्कृतिक पहचान का प्रतीक है। योगी ने आरोप लगाया कि जहां गुरुदेव और भारत माता की तस्वीरें होनी चाहिए थीं, वहां टीएमसी कार्यकर्ताओं ने ममता बनर्जी की तस्वीर लगाकर अस्मिता का अपमान किया।
राज्य की आर्थिक स्थिति पर सवाल उठाते हुए उन्होंने कहा कि कभी रोजगार के लिए देशभर के लोग बंगाल आते थे, लेकिन अब हजारों उद्योग और एमएसएमई इकाइयां बंद हो चुकी हैं, जिससे बड़ी संख्या में युवा बेरोजगार हो गए हैं।
अपने संबोधन में योगी आदित्यनाथ ने उत्तर प्रदेश के कानून-व्यवस्था मॉडल का जिक्र करते हुए कहा कि 2017 से पहले राज्य में अराजकता थी, जबकि अब ‘नो कर्फ्यू, नो दंगा’ की स्थिति है और धार्मिक-सांस्कृतिक कार्यक्रम शांतिपूर्ण ढंग से हो रहे हैं। उन्होंने कहा कि माफिया के खिलाफ सख्त कार्रवाई कर उनकी संपत्तियों पर गरीबों के लिए आवास बनाए गए हैं।
सभा के अंत में मुख्यमंत्री ने विभिन्न विधानसभा क्षेत्रों के भाजपा प्रत्याशियों—विजय ओझा, तापस रॉय, संतोष पाठक, पूर्णिमा चक्रवर्ती, पार्थ चौधरी और प्रियंका टिबरेवाल—के पक्ष में मतदान करने की अपील की। उन्होंने कहा कि ‘डबल इंजन सरकार’ ही विकास और विरासत दोनों को सुरक्षित रख सकती है और बंगाल को फिर से ‘सोनार बांग्ला’ बनाने का समय आ गया है।
