लखनऊ, 10 अप्रैल 2026 (यूएनएस)। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि स्वस्थ नागरिक और स्वस्थ समाज ही विकसित भारत की परिकल्पना को साकार कर सकते हैं। उन्होंने आगाह करते हुए कहा कि दिल की बीमारियों को समय रहते नहीं रोका गया तो यह महामारी का रूप ले सकती हैं।
मुख्यमंत्री लखनऊ स्थित अटल बिहारी वाजपेयी चिकित्सा विश्वविद्यालय में कार्डियोलॉजिकल सोसायटी ऑफ इंडिया द्वारा आयोजित कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि “बीमार नागरिक, समाज और देश कभी सशक्त नहीं बन सकता। दिल की बीमारी बेहद गंभीर है, इसलिए पूरे शरीर को स्वस्थ रखना जरूरी है।”
डॉक्टरों की भूमिका अहम
योगी आदित्यनाथ ने कहा कि स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत बनाने में डॉक्टरों की भूमिका बेहद महत्वपूर्ण है। सरकार अपने स्तर पर कार्य कर रही है, लेकिन समाज को भी जागरूक होना होगा। उन्होंने डॉक्टरों से अपील की कि वे आम लोगों को स्वस्थ जीवनशैली अपनाने के लिए प्रेरित करें।
जीवनशैली में बदलाव जरूरी
मुख्यमंत्री ने कहा कि दिल की बीमारियों से बचाव के लिए दिनचर्या में सुधार बेहद जरूरी है।
- नियमित व्यायाम करें
- मोबाइल का उपयोग सीमित करें
- देर रात तक जागने से बचें
- समय पर सोने और उठने की आदत डालें
उन्होंने कहा कि आज लोग औसतन 4 से 6 घंटे मोबाइल पर बिताते हैं, जो एक बड़ी समस्या बनती जा रही है।
अस्पतालों पर बढ़ता दबाव
मुख्यमंत्री ने सरकारी अस्पतालों में बढ़ती भीड़ पर भी चिंता जताई। उन्होंने बताया कि किंग जॉर्ज चिकित्सा विश्वविद्यालय की ओपीडी में रोजाना 12 से 14 हजार मरीज आते हैं, जबकि दिल्ली स्थित अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान में लगभग 16 हजार मरीज प्रतिदिन पहुंचते हैं। ऐसे में डॉक्टरों के लिए हर मरीज को पर्याप्त समय देना कठिन हो जाता है।
मिलावटी खाद्य पदार्थों पर सख्ती
योगी आदित्यनाथ ने मिलावटी खाद्य पदार्थों पर भी चिंता जताते हुए सख्त कार्रवाई का संकेत दिया। उन्होंने एक उदाहरण देते हुए बताया कि एक प्रतिष्ठान पर छापे के दौरान भारी मात्रा में मिलावट पकड़ी गई, जबकि वहां कोई डेयरी भी नहीं थी।
मुख्यमंत्री ने कहा कि स्वस्थ समाज के निर्माण के लिए सरकार, डॉक्टरों और आम नागरिकों—सभी को मिलकर प्रयास करना होगा। उन्होंने प्रदेशवासियों से अपील की कि वे स्वस्थ दिनचर्या अपनाएं और बीमारियों से बचाव को प्राथमिकता दें, ताकि एक सशक्त और विकसित भारत का निर्माण हो सके।
