नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने प्रधानमंत्री मुद्रा योजना के 11 वर्ष पूरे होने पर इसे देश में स्वरोजगार और युवा सशक्तिकरण की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल बताया है।
अपने संदेश में पीएम मोदी ने कहा कि वर्ष 2015 में शुरू की गई प्रधानमंत्री मुद्रा योजना ने लाखों युवाओं को आत्मनिर्भर बनने का अवसर दिया है। यह योजना सूक्ष्म और लघु उद्यमों को बिना गारंटी ऋण उपलब्ध कराकर नए उद्यमियों और छोटे व्यवसायियों को आगे बढ़ने में मदद करती है।
प्रधानमंत्री ने कहा कि इस योजना की सफलता इस बात का प्रमाण है कि यदि सही अवसर और संसाधन मिलें, तो देश के युवा न केवल खुद आत्मनिर्भर बन सकते हैं, बल्कि राष्ट्र की आर्थिक प्रगति में भी महत्वपूर्ण योगदान दे सकते हैं।
उन्होंने अपने संदेश में एक संस्कृत श्लोक साझा करते हुए आत्मज्ञान, पहल, धैर्य और धर्म के प्रति प्रतिबद्धता के महत्व पर भी जोर दिया।
सरकारी आंकड़ों के अनुसार, इस योजना के माध्यम से लाखों छोटे उद्यमियों को औपचारिक वित्तीय सहायता मिली है, जिससे उनकी अनौपचारिक उधारी पर निर्भरता कम हुई है और जमीनी स्तर पर आर्थिक गतिविधियों को बढ़ावा मिला है।
प्रधानमंत्री की यह टिप्पणी ऐसे समय में आई है, जब सरकार आत्मनिर्भर भारत के लक्ष्य को साकार करने के लिए उद्यमिता और स्वरोजगार को प्रमुख आधार के रूप में आगे बढ़ा रही है।
