कांग्रेस पाकिस्तान के सुर में सुर मिलाती है, देश की सुरक्षा से समझौता करती है : प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी

बारपेटा/होजाई/डिब्रूगढ़ (असम), 6 अप्रैल। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने सोमवार को कांग्रेस पर तीखा हमला करते हुए आरोप लगाया कि एक ओर उनकी सरकार ने पाकिस्तान में स्थित आतंकी ठिकानों के खिलाफ कड़ा रुख अपनाया, वहीं दूसरी ओर कांग्रेस लगातार पड़ोसी देश के सुर में सुर मिलाती नजर आती है और देश की सुरक्षा के मुद्दे पर समझौता करती रही है।

असम के बारपेटा, होजाई और डिब्रूगढ़ में आयोजित एक के बाद एक चुनावी रैलियों को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री ने विपक्षी दल पर विकास के प्रति संकीर्ण दृष्टिकोण रखने का आरोप लगाया और कहा कि भारतीय जनता पार्टी दीर्घकालिक और समग्र विकास पर ध्यान केंद्रित करती है।

प्रधानमंत्री ने कहा कि कांग्रेस ने हमेशा अल्पकालिक उपाय अपनाए, जिससे भ्रष्टाचार को बढ़ावा मिला, जबकि भाजपा समाज के सभी वर्गों के सर्वांगीण विकास के लिए दूरदर्शी निर्णय लेती है। उन्होंने दावा किया कि 2016 की सर्जिकल स्ट्राइक हो या वर्ष 2025 का ऑपरेशन सिंदूर, इन सभी मामलों में कांग्रेस ने सरकार के कदमों का समर्थन करने के बजाय पाकिस्तान के एजेंडे को महत्व दिया।

असम की चुनावी रैलियों में विपक्ष पर तीखा हमला, विकास और राष्ट्रीय सुरक्षा के मुद्दे पर भाजपा का पक्ष रखा

उन्होंने कहा कि पाकिस्तान के साथ इस प्रकार का रवैया देश के हितों के लिए हानिकारक है और उनकी सरकार कभी भी देश की सुरक्षा से समझौता नहीं करेगी। प्रधानमंत्री ने कांग्रेस पर दशकों तक ‘वन रैंक, वन पेंशन’ योजना लागू न करके सेना के पूर्व सैनिकों की उपेक्षा करने का आरोप भी लगाया। उन्होंने बताया कि भाजपा सरकार ने इस योजना के तहत अब तक पूर्व सैन्यकर्मियों के बैंक खातों में बड़ी राशि स्थानांतरित कर उन्हें न्याय दिलाने का काम किया है।

होजाई में आयोजित एक अन्य रैली में प्रधानमंत्री ने गांधी परिवार पर परिवारवाद और भ्रष्टाचार के आरोप लगाते हुए कहा कि कांग्रेस का शीर्ष नेतृत्व बड़े-बड़े घोटालों में शामिल रहा है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस केवल झूठे वादे और भ्रष्टाचार की राजनीति करती है, जबकि भाजपा विकास और सुशासन की नीति पर काम कर रही है।

प्रधानमंत्री ने राहुल गांधी की ‘मोहब्बत की दुकान’ वाली टिप्पणी पर परोक्ष रूप से निशाना साधते हुए कहा कि कांग्रेस ‘मिथ्या की दुकान’ और ‘अपमान की राजनीति’ का प्रतिनिधित्व करती है। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि कांग्रेस ने वर्षों तक असम के विकास की उपेक्षा की और राज्य के कई क्षेत्रों को बुनियादी सुविधाओं से वंचित रखा।

उन्होंने कहा कि पहले असम में सड़कों की स्थिति इतनी खराब थी कि सामान्य यातायात भी मुश्किल था, लेकिन अब स्थिति बदल चुकी है और राज्य के राजमार्गों पर लड़ाकू विमान तक उतर सकते हैं। प्रधानमंत्री ने दावा किया कि भाजपा सरकार ने चाय बागान श्रमिकों को भूमि अधिकार देने, बुनियादी ढांचे को मजबूत करने और राज्य में शांति स्थापित करने के लिए कई महत्वपूर्ण कदम उठाए हैं।

प्रधानमंत्री ने यह भी आरोप लगाया कि कांग्रेस ने वोट बैंक की राजनीति के लिए अवैध घुसपैठियों को बढ़ावा दिया और उन्हें संवेदनशील क्षेत्रों में बसने की अनुमति दी। उन्होंने कहा कि भाजपा सरकार अतिक्रमणकारियों से भूमि मुक्त कराकर स्थानीय लोगों को उनके अधिकार दिलाने का काम कर रही है।

वैश्विक परिस्थितियों और पश्चिम एशिया में जारी संघर्ष का उल्लेख करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि सरकार नागरिकों, विशेषकर गरीबों, मध्यम वर्ग और किसानों को इसके प्रभाव से बचाने के लिए लगातार प्रयास कर रही है। उन्होंने कहा कि किसानों की आय बढ़ाने के लिए न्यूनतम समर्थन मूल्य में वृद्धि की गई है और सरकारी योजनाओं के माध्यम से राशि सीधे किसानों के बैंक खातों में पहुंचाई जा रही है।

प्रधानमंत्री ने महिलाओं के लिए संसद और विधानसभाओं में 33 प्रतिशत आरक्षण लागू करने की प्रतिबद्धता दोहराते हुए कहा कि इस संबंध में 16 अप्रैल को संसद का विशेष सत्र बुलाया गया है, जिसमें इस विषय पर आगे की प्रक्रिया तय की जाएगी।

उन्होंने कहा कि असम में पिछले वर्षों में शांति और स्थिरता स्थापित होने से विकास को गति मिली है और इस विकास को जारी रखने के लिए जनता का समर्थन आवश्यक है।

उल्लेखनीय है कि असम की 126 सदस्यीय विधानसभा के लिए मतदान 9 अप्रैल को होगा, जबकि मतगणना 4 मई को की जाएगी।

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