कन्नौज (उप्र), 6 अप्रैल (RNN)। समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने सोमवार को दावा किया कि अगले वर्ष होने वाले विधानसभा चुनाव में प्रदेश में समाजवादी सरकार बनने जा रही है, इसलिए भारतीय जनता पार्टी के नेता घबराये हुए हैं।
कन्नौज में एक कार्यक्रम के दौरान संवाददाताओं से बातचीत में उन्होंने कहा कि संविधान, लोकतंत्र और आरक्षण बचाने की जिम्मेदारी पीडीए (पिछड़ा, दलित, अल्पसंख्यक) की है। उन्होंने कहा कि बाबा साहब भीमराव आंबेडकर के संविधान, राममनोहर लोहिया के सिद्धांतों और नेताजी मुलायम सिंह यादव के संघर्ष के रास्ते पर समाजवादी पार्टी चल रही है।
सपा प्रमुख ने कहा कि समाजवादी अन्याय के विरुद्ध डटकर मुकाबला करते हैं और संविधान तथा लोकतंत्र की रक्षा के लिए समाजवादी और पीडीए मिलकर लड़ाई लड़ेंगे।
लखनऊ स्थित सपा के राज्य मुख्यालय से जारी बयान के अनुसार, उन्होंने अंतरराष्ट्रीय हालात पर चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि समाजवादी लोग युद्ध के खिलाफ रहे हैं और चाहते हैं कि युद्ध जल्द से जल्द समाप्त हो। उन्होंने कहा कि युद्ध समाप्त होने पर देश की अर्थव्यवस्था में सुधार होगा, जो वर्तमान में प्रभावित हो रही है।
उन्होंने केंद्र और राज्य सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि युद्ध की वजह से गैस सिलेंडर के लिए लोगों को लाइनें लगानी पड़ रही हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा सरकार खाली सिलेंडर तो दे सकती है, लेकिन भरे हुए सिलेंडर उपलब्ध कराने में असफल हो रही है।
यादव ने कहा कि जिस तरह खाद की बोरियों में गड़बड़ी की शिकायतें आती हैं, उसी तरह गैस सिलेंडरों का वजन भी कम मिलने की बातें सुनने में आ रही हैं। उन्होंने दावा किया कि बाजार में केरोसिन और इंडक्शन प्लेटों की बिक्री बढ़ रही है और चुनाव समाप्त होने के बाद डीजल और पेट्रोल की कीमतों में वृद्धि हो सकती है।
उन्होंने कार्यकर्ताओं से 2027 के विधानसभा चुनाव की तैयारी में जुटने का आह्वान करते हुए कहा कि कन्नौज की सभी सीटों पर समाजवादी पार्टी जीत दर्ज करेगी। साथ ही उन्होंने आरोप लगाया कि जब भारतीय जनता पार्टी जनता से हार जाती है, तो वह चुनाव आयोग के साथ मिलकर साजिश करती है।
सपा अध्यक्ष ने कहा कि समाजवादी पार्टी महिलाओं को आरक्षण, सम्मान और अधिकार दिए जाने के पक्ष में है, लेकिन भाजपा सरकार की नीयत सही तरीके से आरक्षण लागू करने की नहीं है। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि भाजपा वह दल है जिसने कभी भारत के राष्ट्रीय ध्वज को स्वीकार नहीं किया।
