नयी दिल्ली, 2 अप्रैल (UNS)। राज्यसभा की बैठक बृहस्पतिवार को 16 अप्रैल पूर्वाह्न 11 बजे तक के लिए स्थगित कर दी गई। उच्च सदन में सरकार की ओर से संकेत दिया गया है कि वह आगामी बैठक में कोई “महत्वपूर्ण विधेयक” पेश कर सकती है।
संसद के बजट सत्र के पूर्व-घोषित कार्यक्रम के अनुसार बैठक को आज अनिश्चित काल के लिए स्थगित किया जाना था, लेकिन उपसभापति हरिवंश ने सदन की कार्यवाही 16 अप्रैल तक स्थगित करने की घोषणा की।
उच्च सदन में गुरुवार को आंध्र प्रदेश पुनर्गठन (संशोधन) विधेयक तथा जन विश्वास (प्रावधानों का संशोधन) विधेयक पर चर्चा कर उन्हें पारित किया गया। इसके बाद सदस्यों ने विशेष उल्लेख के तहत लोक महत्व के विभिन्न मुद्दे उठाए और फिर सदन की बैठक स्थगित कर दी गई।
प्रश्नकाल के बाद कांग्रेस नेता जयराम रमेश ने सरकार की मंशा पर सवाल उठाते हुए पूछा कि क्या वर्तमान सत्र को आगे बढ़ाया जाएगा। इसके जवाब में संसदीय कार्य मंत्री किरन रीजीजू ने कहा कि सरकार के पास कुछ महत्वपूर्ण मुद्दे हैं, जिन्हें विपक्ष के साथ साझा किया गया है और अगले दो-तीन सप्ताह में एक महत्वपूर्ण विधेयक लाया जाएगा।
सरकार महिलाओं के आरक्षण कानून को लागू करने और लोकसभा की सीटों की संख्या 543 से बढ़ाकर 816 करने के उद्देश्य से जनगणना से संबंधित परिसीमन को अलग करने के लिए दो विधेयक लाने पर विपक्ष के साथ बातचीत कर रही है।
इस मुद्दे पर विपक्ष ने आपत्ति जताते हुए सर्वदलीय बैठक 29 अप्रैल के बाद बुलाने की मांग की है। विपक्ष के नेता मल्लिकार्जुन खरगे ने कहा कि कांग्रेस महिलाओं के लिए आरक्षण के पक्ष में है, लेकिन प्रस्तावित विधेयकों के दीर्घकालिक परिणामों को देखते हुए उन्हें जल्दबाजी में पेश नहीं किया जाना चाहिए।
वहीं सदन के नेता और केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा ने दोहराया कि विधायी कार्य कब किया जाए, यह तय करना सरकार का अधिकार है। उन्होंने कहा कि सरकार पूरी जिम्मेदारी के साथ विधायी कार्यों के लिए तारीख और समय तय करने में सक्षम है।
संसद का वर्तमान बजट सत्र 28 जनवरी को संसद के दोनों सदनों की संयुक्त बैठक में राष्ट्रपति के अभिभाषण के साथ शुरू हुआ था। बजट सत्र का पहला चरण 13 फरवरी तक चला, जबकि दूसरा चरण नौ मार्च से शुरू होकर दो अप्रैल तक चलने की पूर्व घोषणा की गई थी।
