लखनऊ। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि वे आस्था में विश्वास करते हैं, लेकिन अंधविश्वास को बिल्कुल नहीं मानते। उन्होंने कहा कि समाज में प्रचलित मिथकों से ऊपर उठकर तर्क और कर्तव्य के आधार पर निर्णय लेना चाहिए।
रविवार को लोकभवन में डॉ. राम मनोहर लोहिया आयुर्विज्ञान संस्थान में चयनित 665 नर्सिंग अधिकारियों को नियुक्ति पत्र वितरण समारोह को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने यह बात कही।
उन्होंने कहा कि उनके पहनावे को देखकर लोग उन्हें अंधविश्वासी मान लेते हैं, जबकि वे सभी की आस्था का सम्मान करते हैं। नोएडा जाने से जुड़े मिथक का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा, “मुझे कहा गया था कि नोएडा नहीं जाना चाहिए, लेकिन मैंने स्पष्ट किया कि नोएडा उत्तर प्रदेश का ही हिस्सा है और मैं वहां जरूर जाऊंगा।”
मुख्यमंत्री ने पूर्व सरकारों पर कटाक्ष करते हुए कहा कि जो लोग पहले नोएडा जाने से बचते थे, वे आज अपनी राजनीति के लिए वहां पहुंच रहे हैं।
भर्ती प्रक्रिया में पारदर्शिता पर जोर
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार भर्ती प्रक्रिया को पूरी तरह पारदर्शी बनाने के लिए हर स्तर पर निगरानी रख रही है। “हमारी तीसरी आंख भर्ती प्रक्रिया में गड़बड़ी करने वालों पर नजर रखती है और ऐसे तत्वों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाती है,” उन्होंने कहा।
उन्होंने बताया कि वर्ष 2017 से पहले जेवर क्षेत्र अपराध के लिए बदनाम था, जहां शाम के बाद सन्नाटा छा जाता था, लेकिन आज वही क्षेत्र निवेश का प्रमुख केंद्र बन चुका है और देश-विदेश के बड़े संस्थान ग्रेटर नोएडा में आना चाहते हैं।
9 लाख युवाओं को मिली नौकरी
मुख्यमंत्री ने कहा कि पिछले नौ वर्षों में राज्य सरकार ने लगभग 9 लाख युवाओं को सरकारी नौकरी दी है और इन नियुक्तियों की पारदर्शिता पर कोई सवाल नहीं उठा है। मेरिट और आरक्षण के नियमों का पालन करते हुए चयन होने से न्यायालय के हस्तक्षेप की आवश्यकता नहीं पड़ी।
यूपी बना ग्रोथ इंजन
उन्होंने कहा कि जो उत्तर प्रदेश पहले ‘बीमारू राज्य’ माना जाता था, वह आज देश की अर्थव्यवस्था का ग्रोथ इंजन बन गया है। प्रति व्यक्ति आय में वर्ष 2016 के मुकाबले तीन गुना वृद्धि हुई है और राज्य अब राजस्व अधिशेष की स्थिति में पहुंच चुका है।
भ्रष्टाचार पर भी सख्ती
मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार की ‘जीरो टॉलरेंस’ नीति केवल अपराध तक सीमित नहीं है, बल्कि भ्रष्टाचार के खिलाफ भी समान रूप से लागू है। पूरी भर्ती प्रक्रिया को इस तरह डिजाइन किया गया है कि उसमें किसी प्रकार का मानवीय हस्तक्षेप न हो और पारदर्शिता बनी रहे।
उन्होंने कहा कि सरकार नियमित रूप से नियुक्ति पत्र वितरण कार्यक्रम आयोजित कर रही है, जिससे युवाओं को लगातार रोजगार के अवसर मिल रहे हैं।
