जीएफ कॉलेज में “विकसित भारत युवा संसद 2026” का भव्य आयोजन, छात्रों ने लोकतांत्रिक विषयों पर रखे प्रभावशाली विचार

शाहजहांपुर, RNN। जनपद के जीएफ कॉलेज में जनपद स्तरीय “विकसित भारत युवा संसद 2026” कार्यक्रम का भव्य एवं उत्साहपूर्ण आयोजन किया गया। यह कार्यक्रम युवा कार्यक्रम एवं खेल मंत्रालय, राष्ट्रीय सेवा योजना (एनएसएस) एवं माय भारत के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित हुआ, जिसका उद्देश्य युवाओं में लोकतांत्रिक मूल्यों, संवाद कौशल और राष्ट्र निर्माण के प्रति जागरूकता विकसित करना रहा।

कार्यक्रम का शुभारंभ महाविद्यालय के उपप्राचार्य प्रो. फैयाज़ अहमद ने किया। उन्होंने अपने संबोधन में कहा कि युवा संसद जैसे आयोजन विद्यार्थियों को लोकतांत्रिक प्रक्रियाओं की व्यावहारिक समझ प्रदान करते हैं और उन्हें जिम्मेदार नागरिक बनने के लिए प्रेरित करते हैं।

क्षेत्रीय निदेशालय राष्ट्रीय सेवा योजना, लखनऊ के प्रतिनिधि शुभांकर मिश्रा ने कहा कि “विकसित भारत” मंच युवाओं को लोकतंत्र, सुशासन और देश के विकास में सक्रिय भागीदारी के लिए प्रोत्साहित करता है। वहीं जिला युवा अधिकारी मयंक भदौरिया ने बताया कि इस कार्यक्रम का उद्देश्य युवाओं को राष्ट्रीय मुद्दों से जोड़ते हुए वर्ष 2047 तक विकसित भारत के लक्ष्य को साकार करने में उनकी भूमिका सुनिश्चित करना है।

प्रतियोगिता के दौरान छात्र-छात्राओं ने “आपातकाल के 50 वर्ष: भारतीय लोकतंत्र के लिए सबक” विषय पर संसदीय शैली में वाद-विवाद प्रस्तुत किए। प्रतिभागियों ने अपने तार्किक विचार, अभिव्यक्ति कौशल और नेतृत्व क्षमता का उत्कृष्ट प्रदर्शन किया, जिसकी उपस्थित अतिथियों और शिक्षकों ने सराहना की।

निर्णायक मंडल में प्रो. अलका मेहरा, डॉ. अवनीश गौतम, डॉ. नासिर, डॉ. नरेश पाल एवं मोहित शर्मा शामिल रहे। प्रतियोगिता में ऐनुल हुदा ने प्रथम, स्वर्णिमा गुप्ता ने द्वितीय, विनीत कुमार ने तृतीय, ललित हरि मिश्रा ने चतुर्थ तथा कोमल पांडेय ने पांचवां स्थान प्राप्त किया। चयनित प्रतिभागी आगामी 7 से 9 अप्रैल 2026 तक उत्तर प्रदेश विधानसभा में आयोजित राज्य स्तरीय युवा संसद में प्रतिभाग करेंगे।

कार्यक्रम का संचालन डॉ. निजामुद्दीन खान एवं दीपांशु द्वारा किया गया। अंत में नोडल अधिकारी डॉ. रजा रसूल और कार्यक्रम अधिकारी डॉ. समन ज़ेहरा जैदी ने सभी अतिथियों, निर्णायकों, प्रतिभागियों एवं सहयोगियों का आभार व्यक्त किया।

इस अवसर पर सैयद औरंगज़ेब, डॉ. उरूज़ शारिक, आंजनेय मिश्र, साक्षी, विपुल, अर्श, शिवम, प्रियंका, गौरी, शिवांगी, प्रियांशी, इमरान, हफीज़, बलराम, महेंद्र और आमिर का विशेष योगदान रहा।

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