निजी स्कूलों में किताबों और यूनिफॉर्म की कीमतों पर नियंत्रण के लिए दिशानिर्देश जारी हों: इकरा चौधरी

नयी दिल्ली, 27 मार्च (UNS)। समाजवादी पार्टी की सांसद इकरा चौधरी ने शुक्रवार को लोकसभा में सरकार से आग्रह किया कि निजी स्कूलों में किताबों और यूनिफॉर्म की कीमतों को नियंत्रित करने के लिए स्पष्ट दिशानिर्देश जारी किए जाएं, ताकि अभिभावकों पर बढ़ते आर्थिक बोझ को कम किया जा सके।

उन्होंने सदन में शून्यकाल के दौरान यह मुद्दा उठाते हुए कहा कि कई निजी स्कूल अभिभावकों को अनावश्यक रूप से महंगी किताबें और यूनिफॉर्म खरीदने के लिए बाध्य कर रहे हैं। उत्तर प्रदेश के कैराना से लोकसभा सदस्य चौधरी ने यह मांग भी की कि समाज सुधारक महात्मा ज्योतिबा फुले और सावित्री बाई फुले को मरणोपरांत देश के सर्वोच्च नागरिक सम्मान ‘भारत रत्न’ से सम्मानित किया जाए।

इकरा चौधरी ने कहा, “सीबीएसई बोर्ड के कई स्कूल अभिभावकों पर अतिरिक्त बोझ डाल रहे हैं। स्कूल प्रबंधन किसी एक निश्चित किताब विक्रेता को तय कर देते हैं, जहां से ही अभिभावकों को किताबें और यूनिफॉर्म खरीदनी पड़ती हैं, जिससे प्रतिस्पर्धा खत्म हो जाती है और कीमतें बढ़ जाती हैं।”

उन्होंने सरकार से मांग की कि निजी प्रकाशकों की महंगी पुस्तकों पर नियंत्रण लगाया जाए और किसी एक विक्रेता से खरीद को अनिवार्य बनाने की प्रथा पर रोक लगाई जाए। साथ ही यूनिफॉर्म और किताबों की कीमतों को नियंत्रित करने के लिए दिशानिर्देश जारी किए जाएं तथा अभिभावकों की शिकायतों के निस्तारण के लिए एक प्रभावी ऑनलाइन पोर्टल की सुविधा उपलब्ध कराई जाए।

इकरा चौधरी ने कहा कि यदि शिकायतों के बावजूद स्कूल प्रबंधन नियमों का पालन नहीं करते हैं, तो उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जानी चाहिए, ताकि शिक्षा क्षेत्र में पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित हो सके।

इस दौरान समाजवादी पार्टी के ही सांसद आनंद भदौरिया ने उत्तर प्रदेश के शाहजहांपुर में स्वतंत्रता सेनानी अशफाक उल्ला खान, राम प्रसाद बिस्मिल और रोशन सिंह की मूर्तियों को कथित रूप से तोड़े जाने का मुद्दा भी सदन में उठाया और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की।

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