प्रधानमंत्री ने युद्ध जल्द खत्म करने पर जोर दिया, हम पाकिस्तान की तरह ‘दलाल राष्ट्र’ नहीं: सरकार

सरकार ने पश्चिम एशिया संघर्ष में कथित मध्यस्थता के संदर्भ में पाकिस्तान को “दलाल राष्ट्र” करार दिया।

नयी दिल्ली, 25 मार्च (UNS)। केंद्र सरकार ने बुधवार को पश्चिम एशिया संकट पर बुलाई गई सर्वदलीय बैठक में कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप से बातचीत में इस बात पर जोर दिया कि पश्चिम एशिया में चल रहा युद्ध जल्द समाप्त होना चाहिए, क्योंकि इससे सभी देशों को नुकसान हो रहा है।

सूत्रों के अनुसार, सरकार ने पश्चिम एशिया संघर्ष में कथित मध्यस्थता के संदर्भ में पाकिस्तान को “दलाल राष्ट्र” करार दिया। बैठक में विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने कहा कि पाकिस्तान के मध्यस्थता प्रयासों में कुछ भी नया नहीं है, क्योंकि वर्ष 1981 से उस देश का अमेरिका द्वारा उपयोग किया जाता रहा है।

बताया जाता है कि संसद परिसर में आयोजित इस बैठक में विदेश मंत्री ने उपस्थित नेताओं से कहा, “हम दलाल राष्ट्र नहीं हैं।” उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि भारत सरकार पश्चिम एशिया संकट पर लगातार प्रतिक्रिया दे रही है और इस मामले में चुप नहीं है।

सरकार की ओर से यह भी कहा गया कि जब ईरान में भारतीय दूतावास से संबंधित घटनाक्रम हुआ, तो विदेश सचिव ने तुरंत वहां पहुंचकर शोक पुस्तिका पर हस्ताक्षर किए। विपक्ष ने आरोप लगाया था कि ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई के मारे जाने पर समय पर शोक व्यक्त न करना सरकार की नैतिक कमजोरी दर्शाता है।

सरकार ने राजनीतिक दलों को यह भी जानकारी दी कि उसकी प्राथमिक चिंता खाड़ी क्षेत्र में रहने वाले भारतीय प्रवासियों की सुरक्षा सुनिश्चित करना और देश की घरेलू ऊर्जा जरूरतों को पूरा करना है। इस संबंध में सरकार ने दावा किया कि वह अब तक दोनों मोर्चों पर सफल रही है।

हालांकि, सर्वदलीय बैठक के बाद विपक्ष ने कहा कि पश्चिम एशिया संकट से जुड़े विभिन्न मुद्दों पर सरकार का जवाब संतोषजनक नहीं रहा। उन्होंने यह मांग दोहराई कि लोकसभा में नियम 193 और राज्यसभा में नियम 176 के तहत इस विषय पर विस्तृत चर्चा कराई जानी चाहिए।

बैठक के बाद कांग्रेस के वरिष्ठ नेता तारिक अनवर ने संवाददाताओं से कहा कि सरकार की ओर से स्पष्टीकरण देने की कोशिश की गई, लेकिन वह संतोषजनक नहीं था। उन्होंने कहा कि संसद में चर्चा होने के बाद ही जनता को पूरी तरह संतुष्टि मिलेगी।

समाजवादी पार्टी के सांसद धर्मेंद्र यादव ने भी लोकसभा और राज्यसभा में नियमों के तहत चर्चा कराने की आवश्यकता पर जोर दिया और दावा किया कि विपक्ष के कई सवालों का पर्याप्त जवाब नहीं मिला।

वहीं, संसदीय कार्य मंत्री किरण रिजिजू ने कहा कि सर्वदलीय बैठक में विपक्ष को पश्चिम एशिया संकट के विषय पर पर्याप्त जानकारी दी गई है और विपक्षी नेताओं ने भी संकट की इस घड़ी में सरकार द्वारा उठाए जाने वाले कदमों का समर्थन करने का भरोसा दिलाया है।

संसद भवन परिसर में रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह की अध्यक्षता में हुई इस बैठक में सरकार की ओर से गृह मंत्री अमित शाह, वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण और स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा सहित कई वरिष्ठ मंत्री मौजूद रहे।

विपक्ष की ओर से कांग्रेस के नेता मुकुल वासनिक, राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी की नेता सुप्रिया सुले, राष्ट्रीय जनता दल के नेता अभय सिन्हा सहित अन्य दलों के प्रतिनिधि बैठक में शामिल हुए, जबकि तृणमूल कांग्रेस इस बैठक में शामिल नहीं हुई।

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