पूर्ववर्ती सरकारों ने न सिर्फ उप्र का विश्वास तोड़ा, नौजवानों के सपने भी तोड़े: योगी आदित्यनाथ

लखनऊ, 24 मार्च (RNN)। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने विपक्ष की पूर्ववर्ती सरकारों को विकास विरोधी करार देते हुए मंगलवार को कहा कि उन्होंने न केवल प्रदेश का विश्वास तोड़ा, बल्कि यहां के युवाओं के सपनों को भी चकनाचूर किया।

मुख्यमंत्री राजधानी लखनऊ में उन्नत सिंगल विंडो पोर्टल निवेश मित्र 3.0 की शुरुआत करने के बाद आयोजित समारोह को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि पिछली सरकारों द्वारा राजनीतिक कारणों से प्रदेश के विश्वास को नुकसान पहुंचाया गया, जिसका असर युवाओं के भविष्य पर भी पड़ा।

योगी आदित्यनाथ ने निवेशकों से संवाद करते हुए कहा कि उत्तर प्रदेश को देश के भीतर निवेश का प्रमुख गंतव्य बनाने का सपना नौ वर्ष पहले देखा गया था और आज निवेशकों की बढ़ती भागीदारी उस सपने को साकार कर रही है। उन्होंने कहा कि निवेशकों ने ‘डबल इंजन’ सरकार पर विश्वास जताया है और सरकार उनके लिए अनुकूल माहौल उपलब्ध कराने के लिए लगातार ठोस कदम उठा रही है।

मुख्यमंत्री ने भाजपा नीत सरकार के नौ वर्षों की उपलब्धियों का उल्लेख करते हुए कहा कि इन प्रयासों के कारण उत्तर प्रदेश पूरे देश में निवेश के प्रमुख केंद्र के रूप में उभरा है। उन्होंने कहा कि जनता और निवेशकों का विश्वास ही सरकार की सबसे बड़ी पूंजी है।

विपक्ष पर निशाना साधते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि पहले प्रदेश की पहचान पर संकट खड़ा किया गया था और सबसे अधिक आबादी वाले राज्य के अस्तित्व पर भी प्रश्नचिह्न लगाए गए थे। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के मार्गदर्शन में राज्य सरकार ने निरंतर परिश्रम किया है और उसके सकारात्मक परिणाम हर स्तर पर दिखाई दे रहे हैं।

एक आधिकारिक बयान के अनुसार, मुख्यमंत्री ने कार्यक्रम में 45 कंपनियों को प्रोत्साहन राशि वितरित की और 62 कंपनियों को ‘लेटर ऑफ कंफर्ट’ (एलओसी) प्रदान किए जाने को प्रदेश के औद्योगिक विकास की दिशा में बड़ा कदम बताया। उन्होंने कहा कि इन प्रस्तावों के माध्यम से लगभग 50,000 करोड़ रुपये के निवेश का मार्ग प्रशस्त हुआ है, जिससे करीब 50 हजार युवाओं के लिए रोजगार के अवसर सृजित होंगे।

मुख्यमंत्री ने बताया कि ‘ईज ऑफ डूइंग बिजनेस’ को मजबूत करते हुए धारा 80 के तहत ‘लैंड यूज’ की जटिल प्रक्रिया को समाप्त कर दिया गया है। अब मास्टर प्लान के तहत नक्शा पास होते ही इसे स्वत: स्वीकृत माना जाएगा और अलग से किसी प्रमाणपत्र की आवश्यकता नहीं होगी।

उन्होंने कहा कि पहले उद्यमी प्रदेश में आने से कतराते थे, क्योंकि एक ओर पहचान का संकट था और दूसरी ओर माफिया व आपराधिक गिरोहों का प्रभाव, जो उद्यमियों और आम नागरिकों की सुरक्षा के लिए खतरा बने हुए थे। मुख्यमंत्री ने दोहराया कि प्रदेश में अपराध और अपराधियों के प्रति किसी प्रकार की नरमी नहीं बरती जाएगी।

इस अवसर पर उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने मुख्यमंत्री के नेतृत्व की सराहना करते हुए कहा कि वर्ष 2017 से पहले प्रदेश में प्रवेश करने से लोग डरते थे, लेकिन अब मजबूत कानून-व्यवस्था के कारण बड़े पैमाने पर निवेश आ रहा है।

कार्यक्रम में मंत्री नंद गोपाल गुप्ता नंदी और राज्य मंत्री सुनील कुमार शर्मा सहित अन्य गणमान्य लोग भी उपस्थित रहे।

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