लखनऊ, 17 मार्च। बहुजन समाज पार्टी (बसपा) प्रमुख मायावती ने समाजवादी पार्टी और कांग्रेस पर तीखा हमला बोलते हुए आरोप लगाया कि दोनों दल “दलित विरोधी राजनीति” करते रहे हैं और अब चुनावी लाभ के लिए बसपा संस्थापक कांशीराम की जयंती मना रहे हैं।
मायावती ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर कहा कि उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव नजदीक आते ही सपा और कांग्रेस “सोची-समझी रणनीति” के तहत दलित वोटों को साधने के लिए कांशीराम की जयंती मना रही हैं। उन्होंने इसे राजनीतिक स्वार्थ करार दिया।
कांग्रेस पर निशाना साधते हुए मायावती ने कहा कि जब केंद्र में कांग्रेस की सरकार थी, तब कांशीराम को ‘भारत रत्न’ नहीं दिया गया, जबकि अब वही पार्टी दूसरी सरकार से इसकी मांग कर रही है। उन्होंने इसे “हास्यास्पद” बताया।
बसपा प्रमुख ने यह भी आरोप लगाया कि सपा और कांग्रेस शुरू से ही बसपा को कमजोर करने की कोशिश करती रही हैं। उन्होंने कहा कि कांशीराम द्वारा स्थापित पार्टी को उनके जीते-जी खत्म करने का प्रयास किया गया, लेकिन आज भी बसपा मजबूत है और उसे कोई हिला नहीं सकता।
मायावती ने यह भी कहा कि कांशीराम के जीवनकाल में जिन दलों ने उनकी उपेक्षा की, वही अब उनकी विरासत का लाभ उठाने की कोशिश कर रहे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि बसपा सरकार के दौरान कांशीराम के सम्मान में किए गए कई कार्यों को बाद की सपा सरकार ने बदल दिया।
अपने बयान में मायावती ने कांशीराम की पुस्तक ‘The Chamcha Age’ (चमचा युग) का उल्लेख करते हुए विरोधी दलों के समर्थकों से दूरी बनाए रखने की सलाह भी दी।
गौरतलब है कि हाल ही में कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने कांशीराम को भारत रत्न देने की मांग उठाई थी, जिसके बाद यह मुद्दा एक बार फिर राजनीतिक बहस के केंद्र में आ गया है।
