प्रयागराज। रीवा एक्सप्रेस में रविवार को हुए आशुतोष ब्रह्मचारी पर हमले के मामले की जांच तेज कर दी गई है। हमलावरों की पहचान के लिए Government Railway Police (GRP) की टीम ने गाजियाबाद से लेकर प्रयागराज तक करीब 200 से अधिक सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली है। हालांकि अब तक आरोपियों का कोई ठोस सुराग नहीं मिल पाया है।
जीआरपी अधिकारियों के अनुसार घटना के बाद सबसे पहले गाजियाबाद रेलवे स्टेशन पर लगे प्लेटफॉर्म, फुटओवर ब्रिज, एंट्री-एग्जिट गेट और टिकट काउंटर क्षेत्र के लगभग 70 सीसीटीवी कैमरों की रिकॉर्डिंग खंगाली गई। यह जांच रविवार देर रात से सोमवार सुबह तक जीआरपी और रेलवे सुरक्षा बल (RPF) की संयुक्त टीम की मौजूदगी में की गई।
इसके बाद ट्रेन के रास्ते में पड़ने वाले प्रमुख स्टेशनों के फुटेज भी निकलवाए गए। सिराथू रेलवे स्टेशन पर जीआरपी कौशाम्बी की टीम ने करीब 40 कैमरों की रिकॉर्डिंग की जांच की। वहीं प्रयागराज जंक्शन पर सोमवार शाम तक प्लेटफॉर्म, वेटिंग एरिया, स्टेशन एंट्री-एग्जिट और पार्किंग में लगे लगभग 90 कैमरों की फुटेज देखी गई।
जांच टीम फुटेज की टाइमलाइन तैयार कर यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि संदिग्ध हमलावर किस स्टेशन से ट्रेन में सवार हुए और घटना के बाद कहां उतर सकते हैं।
सीओ जीआरपी प्रयागराज अरुण कुमार पाठक ने बताया कि अभी तक हमलावरों का स्पष्ट सुराग नहीं मिल पाया है। आशुतोष ब्रह्मचारी के साथ यात्रा कर रहे सहयोगियों, अन्य यात्रियों, टीटीई और कोच अटेंडेंट के बयान भी दर्ज किए गए हैं, लेकिन उनसे भी कोई ठोस जानकारी सामने नहीं आई है।
उन्होंने बताया कि मामले की जांच जारी है और जल्द ही विवेचक को गाजियाबाद भेजकर अन्य पहलुओं की भी गहन पड़ताल की जाएगी।
