पश्चिम एशिया के हालात पर संसद में चर्चा की मांग, अखिलेश यादव ने केंद्र की विदेश नीति पर उठाए सवाल

नई दिल्ली, 9 मार्च। समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव ने पश्चिम एशिया में बने युद्ध जैसे हालात को लेकर संसद में विस्तृत चर्चा कराने की मांग की है। उन्होंने केंद्र सरकार से इस मुद्दे पर अपनी विदेश नीति और रुख स्पष्ट करने की अपील की।

संसद परिसर में संवाददाताओं से बातचीत करते हुए अखिलेश यादव ने कहा कि पश्चिम एशिया की मौजूदा स्थिति चिंताजनक है और इसका असर भारत पर भी पड़ सकता है। उन्होंने कहा कि बड़ी संख्या में भारतीय नागरिक खाड़ी देशों में रहकर काम कर रहे हैं, इसलिए सरकार को यह स्पष्ट करना चाहिए कि वह इस स्थिति से निपटने के लिए क्या कदम उठा रही है।

सपा प्रमुख ने यह भी दावा किया कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के हालिया इजराइल दौरे के दौरान उनके साथ गए कई पत्रकार अभी भी उस क्षेत्र में फंसे हुए हैं। उन्होंने कहा कि जो पत्रकार प्रधानमंत्री के साथ राजनीतिक रिपोर्टिंग के लिए गए थे, वे अब युद्ध जैसे हालात में काम करने को मजबूर हो गए हैं और उनके सुरक्षित लौटने को लेकर चिंता बनी हुई है।

अखिलेश यादव ने केंद्र सरकार की विदेश नीति की आलोचना करते हुए आरोप लगाया कि भारत अमेरिका के दबाव में काम कर रहा है। उन्होंने कहा कि एक तरफ देश आत्मनिर्भर बनने की बात करता है, लेकिन दूसरी तरफ अमेरिका की शर्तों को मानने के लिए मजबूर हो रहा है। उनके अनुसार अमेरिका भारत को यह भी बता रहा है कि वह कितना तेल खरीद सकता है और कितने समय तक खरीद सकता है।

उन्होंने कहा कि पश्चिम एशिया में जारी संघर्ष का असर वैश्विक राजनीति और अर्थव्यवस्था पर पड़ सकता है। ऐसे में संसद में इस मुद्दे पर गंभीर चर्चा होनी चाहिए, ताकि सरकार की रणनीति और विदेश नीति देश के सामने स्पष्ट हो सके।

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