ग्रामीण खेल प्रतिभाओं को मिलेगा नया मंच, सभी विकास खंडों में बन रहे ग्रामीण स्टेडियम

लखनऊ, 6 मार्च। उत्तर प्रदेश में ग्रामीण क्षेत्रों की खेल प्रतिभाओं को आगे बढ़ाने के लिए राज्य सरकार बड़े स्तर पर खेल अवसंरचना का विस्तार कर रही है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में प्रदेश के सभी विकास खंडों में ग्रामीण स्टेडियमों के निर्माण की महत्वाकांक्षी योजना पर तेजी से काम चल रहा है। इन स्टेडियमों में मल्टीपरपज हॉल, कम से कम 200 मीटर का एथलेटिक्स ट्रैक और विभिन्न आउटडोर खेलों के लिए मैदान विकसित किए जा रहे हैं। वर्तमान में प्रदेश के अलग-अलग जनपदों में करीब 30 परियोजनाएं निर्माणाधीन हैं।

प्रदेश सरकार की योजना के तहत प्रत्येक विकास खंड में एक ग्रामीण स्टेडियम और ओपन जिम की स्थापना की जा रही है। इससे ग्रामीण क्षेत्रों के युवाओं को अपने ही क्षेत्र में खेल प्रशिक्षण, नियमित अभ्यास और प्रतियोगिताओं की बेहतर सुविधाएं मिल सकेंगी। सरकार का लक्ष्य है कि गांव-गांव में खेल संस्कृति विकसित हो और ग्रामीण प्रतिभाएं राष्ट्रीय तथा अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रदेश का नाम रोशन करें।

स्पोर्ट्स कॉलेज बनेंगे सेंटर ऑफ एक्सीलेंस
सरकार खेल प्रतिभाओं को अंतरराष्ट्रीय स्तर का प्रशिक्षण उपलब्ध कराने की दिशा में भी काम कर रही है। इसी क्रम में प्रदेश के स्पोर्ट्स कॉलेजों को ‘सेंटर ऑफ एक्सीलेंस’ के रूप में विकसित करने की योजना तैयार की जा रही है। इसके लिए जल्द ही प्रस्ताव खेल विभाग को भेजे जाएंगे। साथ ही इन स्पोर्ट्स कॉलेजों को उत्तर प्रदेश स्पोर्ट्स यूनिवर्सिटी से संबद्ध करने की योजना भी है, ताकि खिलाड़ियों को व्यवस्थित ढांचे में आधुनिक प्रशिक्षण और उन्नत सुविधाएं मिल सकें।

खेल प्रशिक्षकों की तैनाती पर जोर
मुख्यमंत्री ने जिलाधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि जल्द से जल्द उत्तर प्रदेश खेल विकास एवं प्रोत्साहन समिति की बैठक आयोजित की जाए। उन्होंने कहा है कि खिलाड़ियों के विकास और खेल गतिविधियों के प्रोत्साहन के लिए उपलब्ध धनराशि का उपयोग खेल अवसंरचना को मजबूत करने, प्रशिक्षण देने, प्रतियोगिताएं आयोजित करने और खिलाड़ियों को प्रोत्साहन देने में किया जाए। साथ ही निर्माणाधीन ग्रामीण स्टेडियमों का कार्य निर्धारित मानकों और गुणवत्ता के अनुरूप समयबद्ध तरीके से पूरा कराने के निर्देश भी दिए गए हैं।

ग्रामीण प्रतिभाओं को मिलेगा प्रोत्साहन
प्रदेश के गांवों में खेल प्रतिभाओं की कमी नहीं है, लेकिन संसाधनों और उचित मंच के अभाव में कई खिलाड़ी आगे नहीं बढ़ पाते। ग्रामीण स्टेडियम बनने से खिलाड़ियों को नियमित अभ्यास, स्थानीय प्रतियोगिताओं और प्रशिक्षण की सुविधाएं मिलेंगी, जिससे वे जिला, राज्य और राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिताओं तक पहुंच बना सकेंगे।

युवाओं को मिलेगा स्वास्थ्य और रोजगार का लाभ
ग्रामीण स्टेडियमों के निर्माण से युवाओं में खेलों के प्रति रुचि बढ़ेगी और वे फिटनेस के प्रति अधिक जागरूक होंगे। इसके साथ ही खेल प्रशिक्षकों की तैनाती, प्रतियोगिताओं के आयोजन और अन्य गतिविधियों के माध्यम से स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर भी सृजित होंगे। सरकार का मानना है कि इससे प्रदेश में खेल संस्कृति को मजबूती मिलेगी और नई खेल प्रतिभाओं को उभरने का अवसर मिलेगा।

Related Post

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *