सरस मेला समापन: महिला स्वावलम्बन से विकसित भारत का संकल्प सशक्त

लखनऊ, 03 मार्च 2026: “जब नारी सशक्त होती है तो परिवार, समाज और राष्ट्र सशक्त होता है। स्वयं सहायता समूहों की बहनों ने यह सिद्ध कर दिया है कि यदि अवसर और मंच मिले तो वे आत्मनिर्भर भारत और विकसित भारत के निर्माण में अग्रणी भूमिका निभा सकती हैं।”

ये विचार प्रदेश के उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने संपूर्णानंद संस्कृत विश्वविद्यालय में आयोजित ग्यारह दिवसीय रीजनल (राष्ट्रीय स्तर) सरस मेले के भव्य समापन समारोह को संबोधित करते हुए व्यक्त किए।

10.60 करोड़ की वित्तीय सहायता से नई उड़ान

समारोह के दौरान 703 स्वयं सहायता समूहों को सामुदायिक निवेश निधि तथा 20 समूहों को रिवॉल्विंग फंड मद में कुल 10 करोड़ 60 लाख 50 हजार रुपये की वित्तीय सहायता का प्रतीकात्मक चेक प्रदान किया गया। साथ ही दो समूहों की महिलाओं को ई-रिक्शा वितरित कर उन्हें प्रमाण पत्र सौंपे गए।

उप मुख्यमंत्री ने वाराणसी की दो बीमा सखियों मीना देवी एवं प्रतिभा देवी तथा दो लखपति महिलाओं शर्मीला देवी और लक्ष्मी वर्मा को प्रमाण पत्र देकर सम्मानित किया।

ग्रामीण अर्थव्यवस्था की रीढ़ बनीं महिलाएं

उप मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश सरकार महिला सशक्तिकरण और स्वावलंबन को सर्वोच्च प्राथमिकता दे रही है। सरस मेले में स्वयं सहायता समूहों की महिलाओं ने सजावटी सामग्री, खाद्य प्रसाद, पीतल शिल्प, अचार-मुरब्बा, लेदर उत्पाद, आर्टिफिशियल ज्वेलरी, वस्त्र, कालीन, जूट और मूंज उत्पादों के माध्यम से अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन किया। उन्होंने बड़े पैमाने पर बिक्री कर यह सिद्ध किया कि ग्रामीण अर्थव्यवस्था की असली ताकत महिलाएं हैं।

लखपति से करोड़पति बनाने का लक्ष्य

केशव प्रसाद मौर्य ने आह्वान किया कि प्रत्येक स्वयं सहायता समूह अधिक से अधिक महिलाओं को जोड़कर प्रदेश में एक करोड़ महिलाओं को “लखपति दीदी” बनाने के लक्ष्य को साकार करे और भविष्य में उन्हें “करोड़पति महिला” बनाने की दिशा में संगठित प्रयास करे। उन्होंने कहा कि यह पहल विकसित भारत के संकल्प की मजबूत आधारशिला बनेगी।

उत्कृष्ट प्रदर्शन पर सम्मान

मेले में सर्वाधिक बिक्री के लिए लखीमपुर खीरी जनपद के समूह को प्रथम तथा मीरजापुर जनपद को द्वितीय पुरस्कार प्रदान किया गया। सर्वश्रेष्ठ स्टाल सजावट के लिए गाजीपुर के मालिक मरदान शाह समूह को सम्मानित किया गया।

उप मुख्यमंत्री ने सभी स्टालों का अवलोकन कर उत्पादों की जानकारी ली और आजीविका मिशन द्वारा संचालित फूड कोर्ट की सराहना की। कार्यक्रम में पैकेजिंग, ब्रांडिंग और मार्केटिंग विषयक कार्यशाला का आयोजन भी किया गया, जिससे समूहों की उत्पाद गुणवत्ता और बाजार प्रतिस्पर्धा को और सुदृढ़ किया जा सके।

निरंतर होंगे आयोजन

इस अवसर पर महापौर श्री अशोक तिवारी, जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती पूनम मौर्य, विधान परिषद सदस्यगण श्री हंसराज विश्वकर्मा व श्री धर्मेन्द्र सिंह, पूर्व मेयर श्री कौशलेन्द्र सिंह सहित अन्य जनप्रतिनिधि, अधिकारी और बड़ी संख्या में स्वयं सहायता समूहों की महिलाएं उपस्थित रहीं।

उप मुख्यमंत्री ने घोषणा की कि भविष्य में भी सरस मेले के आयोजन निरंतर किए जाएंगे, ताकि विभिन्न प्रदेशों और जनपदों की महिलाएं एक-दूसरे से प्रेरणा लेकर अपने उद्यम को नई ऊंचाइयों तक पहुंचा सकें। उन्होंने कहा कि प्रदेश की प्रगति का मार्ग महिलाओं की आर्थिक भागीदारी से होकर ही जाता है।

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