मेरठ, 22 फरवरी: उत्तर प्रदेश के मेरठ में विभिन्न विकास परियोजनाओं के लोकार्पण के दौरान प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने दिल्ली में आयोजित ‘एआई इम्पैक्ट समिट’ को लेकर उपजे विवाद पर कांग्रेस की कड़ी आलोचना की। उन्होंने आरोप लगाया कि भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस ने एक वैश्विक महत्व के आयोजन को राजनीतिक प्रदर्शन का मंच बना दिया, जिससे देश की छवि को नुकसान पहुंचा।
प्रधानमंत्री ने अपने संबोधन में कहा कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस जैसे उभरते क्षेत्र पर केंद्रित इस अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन में दुनिया भर के प्रतिनिधि शामिल हुए थे और यह भारत के लिए गर्व का अवसर था। उन्होंने कहा कि जब पूरा देश इस आयोजन से उत्साहित था, तब कांग्रेस ने विरोध के ऐसे तरीके अपनाए जो भारत की प्रतिष्ठा के अनुरूप नहीं थे।
मोदी ने कहा कि यह सम्मेलन किसी राजनीतिक दल का कार्यक्रम नहीं था, बल्कि देश का आयोजन था, जिसका उद्देश्य तकनीकी नवाचार और वैश्विक सहयोग को बढ़ावा देना था। उन्होंने आरोप लगाया कि कुछ राजनीतिक शक्तियां भारत की उपलब्धियों को स्वीकार नहीं कर पा रही हैं और वे अंतरराष्ट्रीय मंचों पर भी घरेलू राजनीति करने से नहीं चूकतीं।
प्रधानमंत्री ने कांग्रेस की आलोचना करते हुए कहा कि इस प्रकार की गतिविधियां पार्टी के वैचारिक संकट को दर्शाती हैं। उन्होंने यह भी कहा कि देश के विकास और तकनीकी प्रगति के लिए सरकार निरंतर प्रयास कर रही है, जबकि कुछ दल राजनीतिक टकराव को प्राथमिकता दे रहे हैं।
अपने भाषण में प्रधानमंत्री ने विपक्षी राजनीति पर व्यापक टिप्पणी करते हुए कहा कि लोकतंत्र में जनविश्वास सर्वोपरि होता है और जनता के समर्थन के बिना सत्ता प्राप्त करना संभव नहीं है। उन्होंने यह भी कहा कि संसद और लोकतांत्रिक संस्थाओं के सुचारु संचालन में सभी दलों की जिम्मेदारी होती है।
मोदी ने दावा किया कि इस मुद्दे पर कांग्रेस के सहयोगी दलों ने भी सार्वजनिक रूप से असहमति जताई है। उन्होंने विपक्ष के कुछ दलों का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि राष्ट्रीय गौरव के मुद्दे पर एकजुटता आवश्यक है।
कार्यक्रम के दौरान प्रधानमंत्री ने नमो भारत रेल और मेरठ मेट्रो रेल विस्तार परियोजना सहित कई विकास कार्यों का लोकार्पण किया। उन्होंने कहा कि बुनियादी ढांचे का विस्तार, आधुनिक परिवहन व्यवस्था और तकनीकी नवाचार भारत को विकसित राष्ट्र बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम हैं।
प्रधानमंत्री के बयान के बाद एआई समिट से जुड़ा विवाद राजनीतिक बहस का विषय बन गया है। कांग्रेस की ओर से अभी तक इस संबंध में विस्तृत आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है, हालांकि राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि आने वाले दिनों में इस मुद्दे पर बयानबाजी और तेज हो सकती है।
देश में तकनीकी प्रगति और राजनीतिक प्रतिस्पर्धा के बीच यह विवाद राष्ट्रीय विमर्श का हिस्सा बन गया है, जिस पर विभिन्न राजनीतिक दलों और विशेषज्ञों की प्रतिक्रियाएं जारी हैं।
