प्रयागराज, 21 फरवरी। विशेष पॉक्सो अदालत ने कथित यौन शोषण के आरोपों की जांच के लिए स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती के विरुद्ध प्राथमिकी दर्ज करने का आदेश दिया है। अदालत ने झूंसी थाना के प्रभारी को तहरीर के आधार पर मुकदमा दर्ज कर विधिक प्रावधानों के अनुरूप जांच करने के निर्देश दिए हैं।
मामला आशुतोष ब्रह्मचारी महाराज एवं अन्य द्वारा बीएनएसएस की धारा 173(4) के तहत दाखिल आवेदन से संबंधित है। विशेष न्यायाधीश (पॉक्सो अधिनियम) विनोद कुमार चौरसिया की अदालत ने पूर्व में उपलब्ध साक्ष्यों का अवलोकन करने और कथित पीड़ित बटुकों के बयान दर्ज करने के बाद अपना निर्णय सुरक्षित रख लिया था। याचिकाकर्ता ने बीएनएस की विभिन्न धाराओं तथा पॉक्सो अधिनियम की संबंधित धाराओं के तहत प्राथमिकी दर्ज करने का अनुरोध किया था, जिसे अदालत ने स्वीकार कर लिया।
अदालत ने निर्देश दिया कि जांच पॉक्सो अधिनियम के प्रावधानों का पूर्ण अनुपालन करते हुए की जाए। आदेश के बाद आशुतोष ब्रह्मचारी महाराज ने कहा कि न्यायपालिका के हस्तक्षेप से मामले की निष्पक्ष जांच का मार्ग प्रशस्त हुआ है और उन्हें न्याय मिलने की उम्मीद है।
उन्होंने यह भी बताया कि वे यहां से वाराणसी स्थित विद्या मठ तक यात्रा निकालेंगे और आरोपों से जुड़े तथ्यों को सार्वजनिक करेंगे। उनके अनुसार मामले से संबंधित साक्ष्य अदालत में प्रस्तुत किए जा चुके हैं और आवश्यकतानुसार पुलिस को भी उपलब्ध कराए जाएंगे।
उल्लेखनीय है कि स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती हाल ही में माघ मेला 2026 के दौरान मेला प्रशासन के साथ विवाद को लेकर भी चर्चा में रहे थे। वर्तमान आदेश के बाद मामले की औपचारिक जांच पुलिस द्वारा शुरू की जाएगी, जिसकी प्रगति पर सभी पक्षों की नजर रहेगी।
