पारंपरिक उद्योगों को नई ताकत: लखनऊ में हैंडलूम, सिल्क एवं खादी एक्सपो का शुभारंभ

लखनऊ, 18 फरवरी 2026। पारंपरिक उद्योगों को सशक्त बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल करते हुए राकेश सचान ने कहा कि उत्तर प्रदेश सरकार बुनकरों और दस्तकारों को आत्मनिर्भर बनाने के लिए लगातार प्रयासरत है। इसी क्रम में रवीन्द्र जायसवाल के साथ लखनऊ स्थित रवीन्द्रालय में उत्तर प्रदेश हैंडलूम, सिल्क एवं खादी एक्सपो का शुभारंभ किया गया। यह एक्सपो 17 फरवरी से 2 मार्च 2026 तक आयोजित रहेगा, जिसमें विभिन्न राज्यों के खादी, सिल्क एवं हैंडलूम उत्पादों का प्रदर्शन एवं बिक्री की व्यवस्था की गई है।

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मंत्री सचान ने कहा कि वस्त्र उद्योग कृषि के बाद देश में सर्वाधिक रोजगार देने वाला क्षेत्र है और उत्तर प्रदेश सदियों से बुनकरी एवं दस्तकारी का प्रमुख केंद्र रहा है। प्रदेश में लगभग 1.91 लाख बुनकर एवं दस्तकार इस परंपरा से अपनी आजीविका चला रहे हैं और उनकी कलाकृतियाँ देश-विदेश में पहचान बना रही हैं। उन्होंने कहा कि एक्सपो बुनकरों को सशक्त विपणन मंच उपलब्ध कराने और उनके उत्पादों को राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय पहचान दिलाने का प्रभावी माध्यम बनेगा।

एक्सपो में प्रदेश के विभिन्न जनपदों के 60 से अधिक स्टॉल लगाए गए हैं, जबकि 19 फरवरी को उत्कृष्ट उत्पादों का फैशन शो आयोजित किया जाएगा। इस अवसर पर संत कबीर राज्य हथकरघा पुरस्कार योजना के अंतर्गत चयनित 39 उत्कृष्ट बुनकरों को सम्मानित किया गया। उन्हें डिमांड ड्राफ्ट, शील्ड, अंगवस्त्र एवं प्रमाण-पत्र प्रदान किए गए।

मंत्री सचान ने बताया कि बुनकरों के कल्याण हेतु सरकार द्वारा अनेक योजनाएँ संचालित की जा रही हैं। हैंडलूम बुनकरों को विद्युत बिल में प्रतिमाह प्रतिपूर्ति, बुनकर बहबूदी फंड से सहायता, आईआईएचटी वाराणसी के छात्रों को छात्रवृत्ति, झलकारी बाई हैंडलूम एवं पावरलूम विकास योजना तथा मुख्यमंत्री हैंडलूम एवं पावरलूम उद्योग विकास योजना जैसी पहलें लागू हैं। इसके अतिरिक्त अटल बिहारी बाजपेयी पावरलूम बुनकर विद्युत फ्लैट रेट योजना के माध्यम से हजारों बुनकरों को राहत दी जा रही है।

उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश टेक्सटाइल एवं गारमेंटिंग पॉलिसी-2022 के तहत निवेशकों को प्रोत्साहन दिया जा रहा है तथा पीएम मित्र योजना के अंतर्गत मेगा टेक्सटाइल पार्क की स्थापना की दिशा में तेजी से कार्य हो रहा है। हरदोई और लखनऊ में भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया पूर्ण हो चुकी है, जिससे प्रदेश वस्त्र उद्योग का प्रमुख केंद्र बनने की राह मजबूत हुई है।

मंत्री सचान ने प्रदेशवासियों से अपील की कि वे अधिक से अधिक संख्या में एक्सपो में पहुंचकर बुनकरों के उत्पाद खरीदें और उनकी आर्थिक समृद्धि में सहभागी बनें। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि यह आयोजन पारंपरिक उद्योगों को नई ऊर्जा देने के साथ आत्मनिर्भर उत्तर प्रदेश के लक्ष्य को साकार करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।

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