लखनऊ: उत्तर प्रदेश में कर संग्रहण में आई उल्लेखनीय वृद्धि को सुशासन और पारदर्शी प्रशासन का परिणाम बताते हुए सरोजनीनगर से विधायक डॉ. राजेश्वर सिंह ने कहा कि राज्य का मजबूत होता राजस्व तंत्र मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में लागू सख्त नीतियों और डिजिटल प्रशासन का प्रत्यक्ष प्रमाण है। उन्होंने कहा कि वर्तमान व्यवस्था ने कर प्रणाली को अधिक पारदर्शी, जवाबदेह और प्रभावी बनाया है।
डॉ. सिंह ने पूर्व सरकारों से तुलना करते हुए बताया कि वर्ष 2012–13 में राज्य का कर राजस्व लगभग 54,000 करोड़ रुपये था, जो 2016–17 तक बढ़कर लगभग 85,000 करोड़ रुपये हुआ। उनके अनुसार उस समय प्रशासनिक शिथिलता और राजस्व रिसाव जैसी चुनौतियाँ प्रमुख थीं। उन्होंने कहा कि वर्तमान सरकार ने कठोर निर्णयों, तकनीकी सुधारों और भ्रष्टाचार के विरुद्ध शून्य सहनशीलता की नीति अपनाकर कर तंत्र को नई दिशा दी है।
विधायक ने बताया कि वर्ष 2026–27 के लिए राज्य का अनुमानित कर राजस्व लगभग 3.34 लाख करोड़ रुपये तक पहुँचने की संभावना है, जो पूर्व अवधि की तुलना में कई गुना अधिक है। उन्होंने कहा कि यह वृद्धि स्वतः नहीं हुई, बल्कि अवैध खनन, बिजली चोरी और संगठित राजस्व रिसाव के विरुद्ध की गई कड़ी कार्रवाई का परिणाम है। डिजिटल प्रणाली के विस्तार, ऑनलाइन भुगतान व्यवस्था और पारदर्शी निगरानी तंत्र ने कर संग्रहण प्रक्रिया को सुचारू बनाया है।
डॉ. सिंह ने कहा कि राज्य सरकार की नीतियों ने प्रशासनिक व्यवस्था में जवाबदेही बढ़ाई है और कर संग्रहण प्रक्रिया को तकनीक आधारित बनाया है। उनके अनुसार डिजिटल प्रशासन के कारण मानवीय हस्तक्षेप कम हुआ है, जिससे भ्रष्टाचार पर अंकुश लगा और राजस्व प्रणाली अधिक प्रभावी हुई। उन्होंने यह भी कहा कि कर व्यवस्था में सुधार से राज्य की वित्तीय स्थिति मजबूत हुई है, जिससे विकास परियोजनाओं को गति मिली है।
उन्होंने कहा कि वर्तमान शासन मॉडल संरक्षणवाद से कानून व्यवस्था, अपारदर्शिता से पारदर्शिता और अव्यवस्था से सुशासन की दिशा में परिवर्तन का उदाहरण है। बढ़ता हुआ राजस्व राज्य के बुनियादी ढांचे, सामाजिक कल्याण योजनाओं और औद्योगिक विकास के लिए मजबूत आधार प्रदान कर रहा है।
डॉ. सिंह ने कहा कि भारतीय जनता पार्टी सरकार की विकासोन्मुख नीतियाँ और सुदृढ़ प्रशासनिक इच्छाशक्ति उत्तर प्रदेश को आर्थिक रूप से सशक्त राज्य बनाने की दिशा में आगे बढ़ा रही हैं। उन्होंने यह भी कहा कि बेहतर वित्तीय प्रबंधन और पारदर्शी कर व्यवस्था से निवेश को प्रोत्साहन मिला है, जिससे रोजगार और औद्योगिक विकास के अवसर बढ़े हैं।
उन्होंने विपक्षी दल समाजवादी पार्टी के कार्यकाल की तुलना में वर्तमान व्यवस्था को अधिक प्रभावी बताते हुए कहा कि कर संग्रहण में आई वृद्धि राज्य के प्रशासनिक सुधारों की सफलता को दर्शाती है। उनके अनुसार यह बदलाव न केवल राजस्व वृद्धि तक सीमित नहीं है, बल्कि शासन प्रणाली में व्यापक संरचनात्मक सुधारों का परिणाम है।
डॉ. राजेश्वर सिंह ने विश्वास जताया कि पारदर्शी और तकनीक-आधारित कर प्रणाली के माध्यम से उत्तर प्रदेश आने वाले वर्षों में वित्तीय अनुशासन और विकास के नए मानक स्थापित करेगा। उन्होंने कहा कि मजबूत राजस्व व्यवस्था ही समग्र विकास और सुशासन की आधारशिला है।
