लखनऊ, 13 फरवरी 2026। उत्तर प्रदेश के सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम, खादी एवं ग्रामोद्योग, रेशम उद्योग, हथकरघा एवं वस्त्रोद्योग मंत्री राकेश सचान ने विधानसभा के बजट सत्र 2026-27 में नियम 56 के अंतर्गत उठाए गए प्रश्नों का उत्तर देते हुए कहा कि सरकार बुनकरों के हितों के प्रति पूर्णतः प्रतिबद्ध है।
उन्होंने बताया कि वर्ष 2006 में ऊर्जा विभाग द्वारा फ्लैट रेट विद्युत आपूर्ति योजना प्रारंभ की गई थी, जिसे बाद में बढ़ती बकायेदारी के कारण हथकरघा विभाग को हस्तांतरित किया गया।
1 अप्रैल 2023 से लागू हुई नई योजना-
मंत्री ने कहा कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देशानुसार बुनकर प्रतिनिधियों और जनप्रतिनिधियों से व्यापक चर्चा के बाद 1 अप्रैल 2023 से “अटल बिहारी वाजपेई पावरलूम बुनकर विद्युत फ्लैट रेट योजना” लागू की गई।
इस योजना के अंतर्गत 5 किलोवाट तक के विद्युत कनेक्शनों के लिए नगरीय एवं ग्रामीण क्षेत्रों में रियायती दरें निर्धारित की गई हैं। साथ ही बुनाई कार्य में प्रयुक्त सहायक उपकरण—बॉबिन, वार्पिंग, डबलिंग, बाइंडर मशीन तथा पंखा आदि—को भी 5 किलोवाट सीमा में शामिल किया गया है।
99 हजार से अधिक कनेक्शन लाभान्वित-
मंत्री सचान ने बताया कि प्रदेश में 99,229 पावरलूम कनेक्शनों को इस योजना का लाभ मिल रहा है, जिनमें से 92,869 कनेक्शन 5 किलोवाट श्रेणी के हैं।
पूर्व में इस योजना के लिए 250 करोड़ रुपये का बजट प्रावधान था, जिसे बढ़ाकर लगभग 400 करोड़ रुपये कर दिया गया है। साथ ही 31 मार्च 2023 तक की बकाया विद्युत देनदारियों के भुगतान की जिम्मेदारी सरकार ने अपने ऊपर ली है।
बजट 2026-27 में लगभग 4,423 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है, जिससे हथकरघा विभाग पर लंबित लगभग 4,000 करोड़ रुपये की देनदारी का निस्तारण किया जा सके।
बुनकरों से संवाद और समाधान
मंत्री ने बताया कि उन्होंने स्वयं वाराणसी, गोरखपुर, अंबेडकरनगर और मेरठ मंडलों का दौरा कर बुनकरों से संवाद किया और उनकी समस्याओं के समाधान के प्रयास किए।
उन्होंने कहा कि सरकार बुनकर समाज की कला और आजीविका की रक्षा के लिए दृढ़ संकल्पित है तथा आवश्यकता पड़ने पर अतिरिक्त बजट उपलब्ध कराने में भी कोई कमी नहीं रखी जाएगी। सरकार बुनकरों और हस्तशिल्प से जुड़े लाखों परिवारों के कल्याण के लिए निरंतर कार्य कर रही है और सभी सुझावों पर गंभीरता से विचार किया जा रहा है।
