लखनऊ, 13 फरवरी (RNN)। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने विधानमंडल के बजट सत्र के पहले दिन राज्यपाल आनंदीबेन पटेल के अभिभाषण के दौरान हुए हंगामे को लेकर समाजवादी पार्टी (सपा) की कड़ी आलोचना की। उन्होंने कहा कि मुख्य विपक्षी दल ने अपने आचरण से न केवल राज्य की संवैधानिक प्रमुख का, बल्कि मातृशक्ति का भी अपमान किया है।
राज्यपाल के अभिभाषण पर चर्चा का जवाब देते हुए मुख्यमंत्री ने नेता प्रतिपक्ष माता प्रसाद पांडेय की ओर मुखातिब होकर कहा, “अभी आप सनातन की बात कर रहे थे। महर्षि वेदव्यास सनातन धर्म के सबसे बड़े व्याख्याकार हैं। उन्होंने लगभग 5000 वर्ष पहले कहा था कि मां के समान कोई छाया नहीं, कोई सहारा नहीं, कोई रक्षक नहीं और कोई प्रिय नहीं होता।”
उन्होंने कहा कि भारत की सनातन परंपरा में मां की उम्र की या अपने से बड़ी उम्र की हर महिला को माता के समान सम्मान देने का विधान है। मुख्यमंत्री ने प्रश्न किया, “लेकिन आप लोगों ने इस सदन में माननीय राज्यपाल जी के अभिभाषण के दौरान कैसा आचरण किया? आप सनातन की बात कर रहे थे।”
तंज भरे लहजे में मुख्यमंत्री ने कहा कि संभव है नेता प्रतिपक्ष सदन में इसलिए उपस्थित नहीं थे क्योंकि उनकी पार्टी के सदस्य उनके नियंत्रण से बाहर थे। उन्होंने कहा, “मुख्य विपक्षी दल के इस आचरण से पूरा सदन आहत महसूस कर रहा था। आचरण अच्छा नहीं था।”
गौरतलब है कि राज्य विधानमंडल के बजट सत्र के पहले दिन सोमवार को राज्यपाल के अभिभाषण के दौरान विशेषकर सपा सदस्यों ने जोरदार हंगामा किया था। शोरगुल के बीच राज्यपाल ने उन्हें कई बार टोका भी।
मुख्यमंत्री ने उर्दू के मशहूर शायर मिर्जा गालिब का एक शेर पढ़ते हुए नेता प्रतिपक्ष पर तंज कसा—
“गालिब उम्र भर यह भूल करता रहा,
धूल चेहरे पर थी और आईना साफ करता रहा।”
अपने संबोधन के अंत में मुख्यमंत्री ने राज्यपाल के अभिभाषण पर चर्चा में भाग लेने वाले सभी सदस्यों का धन्यवाद दिया और कहा कि सार्थक चर्चा ही लोकतंत्र और संवाद की सबसे बड़ी ताकत है।
