राहुल गांधी के ‘झूठे’ बयानों को रिकॉर्ड से हटाने का अनुरोध करेंगे: रीजीजू

नयी दिल्ली, 11 फरवरी (Agency) — संसदीय कार्य मंत्री किरेन रीजीजू ने बुधवार को आरोप लगाया कि लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी का बजट पर दिया गया भाषण “झूठ से भरा” था। उन्होंने कहा कि सत्तारूढ़ गठबंधन राहुल गांधी द्वारा किए गए “झूठे” दावों को सदन की कार्यवाही से हटाने का अनुरोध करेगा।

केंद्रीय बजट पर चर्चा के दौरान राहुल गांधी के भाषण के तुरंत बाद रीजीजू ने कहा कि सत्तारूढ़ गठबंधन के सदस्य आसन को नोटिस देंगे और नेता प्रतिपक्ष के बयानों के प्रमाणीकरण की मांग करेंगे। उन्होंने संवाददाताओं से कहा, “राहुल गांधी ने जो भी झूठ बोला है, हम उसे रिकॉर्ड से हटाए जाने की मांग करेंगे।”

हालांकि राहुल गांधी ने अपने बयानों को प्रमाणित करने का वादा किया है, लेकिन रीजीजू ने दावा किया, “मुझे पता है कि वह उन्हें प्रमाणित नहीं कर सकते क्योंकि उन्होंने झूठ बोला है। उन्होंने सदन में झूठ बोला है।”

रीजीजू ने आरोप लगाया कि कांग्रेस नेता अक्सर जानबूझकर झूठ बोलते हैं और संबंधित मंत्री का जवाब सुने बिना सदन छोड़कर चले जाते हैं। उन्होंने कहा कि यह दुर्भाग्यपूर्ण है कि देश के पास लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष के पद पर “गंभीर स्वभाव वाला व्यक्ति” नहीं है।

मंत्री ने कहा, “हमारी पार्टी का रुख यह है कि हम राहुल गांधी के झूठ का जवाब सदन के बाहर देंगे, लेकिन सदन के अंदर नोटिस जारी किया जाएगा।”

उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि राहुल गांधी ने बिना पूर्व सूचना दिए पेट्रोलियम मंत्री हरदीप सिंह पुरी पर गंभीर आरोप लगाए, जो विशेषाधिकार हनन का मामला हो सकता है। रीजीजू ने कहा, “हम आसन को आवश्यक सूचना देंगे। नेता प्रतिपक्ष ने बजट पर चर्चा में कोई उपयोगी और ठोस योगदान नहीं दिया, बल्कि केवल कुछ बेबुनियाद आरोप लगाए।”

रीजीजू के अनुसार, उन्होंने राहुल गांधी से आग्रह किया है कि जब वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण बजट पर चर्चा का जवाब दें, तब वे सदन में उपस्थित रहें। उन्होंने कहा, “भाषण देने के बाद वह तुरंत सदन से बाहर चले गए, जबकि नियम है कि एक बार कोई सदस्य अपना भाषण दे दे, तो वह तुरंत सदन नहीं छोड़ सकता।”

संसदीय कार्य मंत्री ने यह भी दावा किया कि 20 से 25 कांग्रेस सांसदों ने लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला के कक्ष में जाकर उनके प्रति अपशब्द कहे। उन्होंने कहा कि उस समय प्रियंका गांधी वाद्रा और के.सी. वेणुगोपाल सहित कांग्रेस के वरिष्ठ नेता वहां मौजूद थे, लेकिन उन्होंने सांसदों को नहीं रोका।

रीजीजू ने कहा, “कुछ सदस्य बिरला के कक्ष में गए और उन्हें अपशब्द कहे। उन्होंने अध्यक्ष को जिस तरह के अपशब्द कहे, उन्हें मैं शब्दों में बयान नहीं कर सकता।”

उन्होंने दावा किया कि लोकसभा अध्यक्ष इस घटना से आहत हुए हैं और कहा कि वे स्वभाव से नरम हैं, अन्यथा कड़ी कार्रवाई हो सकती थी।

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