लखनऊ, 9 फरवरी – उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बजट सत्र की शुरुआत से पहले सोमवार को सभी विधायकों से अपील की कि यदि किसी सदस्य को कोई मुद्दा उठाना है तो कार्यवाही बाधित करने के बजाय संवाद के माध्यम से अपनी बात रखें।
मुख्यमंत्री ने संवाददाताओं से बातचीत में कहा कि सोमवार से उत्तर प्रदेश विधानमंडल का बजट सत्र शुरू हो रहा है और यह उनकी सरकार का दसवां बजट है। उन्होंने सभी सदस्यों से सदन की गरिमा बनाए रखने और लोकतांत्रिक परंपराओं के अनुरूप कार्यवाही आगे बढ़ाने का आग्रह किया।
योगी आदित्यनाथ ने कहा कि परंपराओं के अनुसार बजट सत्र की शुरुआत राज्यपाल के अभिभाषण से होती है और इसके बाद सामान्य बजट प्रस्तुत किया जाता है। उन्होंने बताया कि सोमवार को राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने समवेत सदन को संबोधित किया, हालांकि इस दौरान समाजवादी पार्टी (सपा) के सदस्यों ने नारेबाजी करते हुए विरोध दर्ज कराया।
मुख्यमंत्री ने कहा, “विधानमंडल लोकतंत्र का एक महत्वपूर्ण आधार स्तंभ है। यदि किसी सदस्य को कोई मुद्दा उठाना है तो कार्यवाही बाधित करने के बजाय संवाद के माध्यम से अपनी बात रखें, क्योंकि सरकार संवाद से समाधान में विश्वास करती है।”
उन्होंने बताया कि वित्त वर्ष 2026-27 का सामान्य बजट 11 फरवरी को प्रस्तुत किया जाएगा, जिस पर विस्तृत चर्चा होगी। बजट सत्र नौ फरवरी से 20 फरवरी तक चलेगा।
योगी ने कहा कि राज्यपाल के अभिभाषण के बाद सदन के पटल पर उत्तर प्रदेश का आर्थिक सर्वेक्षण प्रस्तुत किया जाएगा। उन्होंने इसे ऐतिहासिक बताते हुए कहा कि पहली बार राज्य सरकार अपनी आर्थिक उपलब्धियों को इस रूप में प्रस्तुत कर रही है।
मुख्यमंत्री ने कहा, “उत्तर प्रदेश को ‘बीमारू’ स्थिति से निकालकर भारत की अर्थव्यवस्था के ‘ब्रेकथ्रू’ के रूप में स्थापित किया गया है। आर्थिक सर्वेक्षण में प्रति व्यक्ति आय में वृद्धि, वित्तीय प्रबंधन और पिछले पांच वर्षों से राज्य को राजस्व अधिशेष बनाए रखने जैसे सभी पहलुओं को शामिल किया गया है।”
उन्होंने कहा कि यह रिपोर्ट सदस्यों के लिए डेटा-आधारित और तथ्यात्मक चर्चा का एक महत्वपूर्ण दस्तावेज होगी। सरकार सभी सदस्यों के बहुमूल्य सुझावों का स्वागत करती है और राज्यहित में आवश्यक निर्णय लेने के लिए सदैव तत्पर है।
मुख्यमंत्री ने विपक्षी दलों से भी सदन की कार्यवाही बाधित न करने और अनावश्यक शोरगुल से बचने की अपील की। उन्होंने कहा कि पिछले नौ वर्षों में विधानमंडल की कार्यवाही के कई नए कीर्तिमान स्थापित हुए हैं।
योगी आदित्यनाथ ने सभी दलों के सदस्यों से आह्वान किया कि विधायिका के सर्वोच्च मंच पर जनता से जुड़े मुद्दों पर सार्थक और सकारात्मक चर्चा की जाए।
