सरोजनीनगर में ‘चाय पर चौपाल’ बनी जनसंवाद की मिसाल

विधायक डॉ. राजेश्वर सिंह ने प्रबुद्धजनों संग विकास, युवा सशक्तिकरण और सामाजिक सरोकारों पर किया संवाद

लखनऊ। सरोजनीनगर में गुरुवार को जनसंवाद और सामाजिक सहभागिता का सशक्त उदाहरण देखने को मिला, जब विधायक डॉ. राजेश्वर सिंह ने ग्रामसभाओं आदमपुर, तेरवा और मझिगवाँ में आयोजित ‘चाय पर चौपाल’ कार्यक्रम में सहभागिता की। इस आत्मीय आयोजन में चाय की चुस्कियों के साथ क्षेत्र के विकास, युवाओं के सशक्तिकरण और सामाजिक जिम्मेदारियों पर खुलकर चर्चा हुई।

कार्यक्रम में क्षेत्र के प्रबुद्धजन, वरिष्ठ नागरिक, सामाजिक कार्यकर्ता, भारतीय जनता पार्टी के पदाधिकारी और बड़ी संख्या में ग्रामीण उपस्थित रहे। चौपाल के दौरान सरोजनीनगर के सर्वांगीण विकास, राष्ट्र की आंतरिक व बाह्य सुरक्षा से जुड़ी विचारधारा, भावी पीढ़ी के सुरक्षित और आत्मनिर्भर भविष्य के निर्माण तथा युवाओं को नशे जैसी सामाजिक बुराइयों से दूर रखने जैसे विषयों पर गंभीर विमर्श हुआ।

विधायक डॉ. राजेश्वर सिंह ने युवाओं से आह्वान किया कि वे नशे से दूर रहकर खेल, शिक्षा और कौशल विकास के माध्यम से अपने जीवन को सकारात्मक दिशा दें। उन्होंने कहा कि खेल आत्मविश्वास बढ़ाते हैं, शिक्षा सोच को व्यापक बनाती है और कौशल युवाओं को आत्मनिर्भर बनाता है।

डॉ. सिंह ने डिजिटल शिक्षा के महत्व पर बल देते हुए ग्रामसभा तेरवा के तीन मेधावी विद्यार्थियों को लैपटॉप प्रदान कर सम्मानित किया। उन्होंने कहा कि आधुनिक तकनीक और डिजिटल संसाधनों से जुड़कर ग्रामीण क्षेत्र के विद्यार्थी भी राष्ट्रीय और वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धा कर सकते हैं।

चौपाल के दौरान क्षेत्रवासियों की आस्था से जुड़े विषयों पर भी चर्चा हुई। विधायक ने ‘रामरथ श्रवण अयोध्या यात्रा’ के माध्यम से ग्रामसभा तेरवा और मझिगवाँ के नागरिकों को अयोध्या ले जाकर भगवान श्रीरामलला के दर्शन कराने का आश्वासन दिया, जिसे उपस्थित लोगों ने सराहा।

कार्यक्रम ने यह स्पष्ट संदेश दिया कि ‘चाय पर चौपाल’ केवल संवाद का मंच नहीं, बल्कि विश्वास, सहभागिता और विकास की साझा सोच को आगे बढ़ाने का माध्यम है। जनप्रतिनिधि और नागरिकों के बीच इस प्रकार का सीधा संवाद ही मजबूत लोकतंत्र और समृद्ध समाज की नींव रखता है।

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