आलमबाग गुरुद्वारा के कीर्तन समागम में पहुंचे सरोजनीनगर विधायक डॉ. राजेश्वर सिंह

शिक्षा, कौशल और संस्कार को बताया सशक्त भविष्य की नींव

लखनऊ। सरोजनीनगर विधायक डॉ. राजेश्वर सिंह ने भगत रविदास जी के प्रकाश पर्व के अवसर पर बुधवार को केन्द्रीय सिंह सभा, आलमबाग गुरुद्वारा में आयोजित भव्य कीर्तन समागम में सहभागिता की। इस अवसर पर उन्होंने सिख समाज की सेवा, समरसता और मानवता की परंपरा को नमन करते हुए बच्चों को आधुनिक शिक्षा के साथ संस्कार और विरासत से जुड़ने का संदेश दिया।

कार्यक्रम के दौरान डॉ. सिंह ने गुरुद्वारा प्रबंधन द्वारा संचालित दशमेश पब्लिक स्कूल के विद्यार्थियों से संवाद किया और शिक्षा में डिजिटल सशक्तिकरण की आवश्यकता पर बल दिया। उन्होंने विद्यालय में डिजिटल लाइब्रेरी की स्थापना हेतु CSR के माध्यम से ₹5 लाख की सहायता राशि देने की घोषणा की। साथ ही मेधावी छात्रा मानवी तिवारी एवं छात्र गुनीत सिंह को टैबलेट तथा दो अन्य विद्यार्थियों को लैपटॉप भेंट कर सम्मानित किया।

डॉ. राजेश्वर सिंह ने कहा कि आने वाला समय आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, डिजिटल लिटरेसी और तकनीकी कौशल का है। बच्चों को पारंपरिक शिक्षा के साथ कोडिंग, प्रोग्रामिंग, मशीन लर्निंग और साइबर सुरक्षा जैसे विषयों में दक्ष बनाना समय की मांग है। उन्होंने कहा, “डिजिटल युग में सुरक्षा और जागरूकता सबसे बड़ी आवश्यकता है।”

उन्होंने सरोजनीनगर में संचालित 14 डिजिटल शिक्षा एवं युवा सशक्तिकरण केंद्रों, 36 स्कूल-कॉलेजों में डिजिटल लाइब्रेरी और 40 शिक्षण संस्थानों में स्मार्ट इंटरैक्टिव पैनल की स्थापना की जानकारी दी। साथ ही बताया कि अब तक CSR सहयोग से 1700 से अधिक मेधावी विद्यार्थियों को लैपटॉप, टैबलेट और साइकिल वितरित की जा चुकी हैं।

इस अवसर पर डॉ. सिंह ने उत्तर प्रदेश सिख गुरुद्वारा कमेटी कार्यालय का फीता काटकर शुभारंभ किया तथा निर्माणाधीन स्किल डेवलपमेंट भवन के पूर्ण होने पर आवश्यक मशीनें उपलब्ध कराने का आश्वासन दिया। उन्होंने वृक्षारोपण कर पर्यावरण संरक्षण, जल संरक्षण और प्लास्टिक उपयोग में कमी को जनआंदोलन बनाने का आह्वान किया।

डॉ. राजेश्वर सिंह ने कहा, “आज का बच्चा ही कल का भारत है। उसे ज्ञान, तकनीक और संस्कार—तीनों से सशक्त करना राष्ट्र निर्माण की दीर्घकालिक रणनीति है।”
कार्यक्रम में विद्यार्थियों द्वारा प्रस्तुत शोध प्रस्तुति को उन्होंने अपने सार्वजनिक जीवन का प्रेरणादायक क्षण बताया।

इस अवसर पर पूर्व महापौर संयुक्ता भाटिया सहित गुरुद्वारा प्रबंधन समिति, विद्यालय परिवार और अनेक गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।

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