नयी दिल्ली, तीन फरवरी । दो बार की ओलंपिक कांस्य पदक विजेता मनु भाकर और विश्व चैंपियन सम्राट राणा के नेतृत्व में भारतीय निशानेबाज बुधवार से शुरू हो रही राइफल-पिस्टल एशियाई चैंपियनशिप में दमदार शुरुआत करने के इरादे से उतरेंगे। प्रतियोगिता का आयोजन राजधानी स्थित डॉ. करणी सिंह शूटिंग रेंज में किया जा रहा है।
पहले दिन पिस्टल स्पर्धाओं में भारत के लिए विश्व कप फाइनल चैंपियन सुरुचि सिंह और ईशा सिंह भी चुनौती पेश करेंगी। बुधवार को कुल चार फाइनल खेले जाएंगे, जिनमें सीनियर पुरुष और महिला 10 मीटर एयर पिस्टल के साथ-साथ जूनियर और युवा पुरुष 10 मीटर एयर पिस्टल स्पर्धाएं शामिल हैं।
महिला वर्ग में मनु भाकर, ईशा सिंह और सुरुचि सिंह स्वर्ण पदक की प्रबल दावेदार मानी जा रही हैं। हालांकि उन्हें हांगकांग की विश्व नंबर चार और विश्व चैंपियनशिप की रजत पदक विजेता हो चिंग शिंग से कड़ी चुनौती मिलने की उम्मीद है। हो चिंग शिंग चार बार एशियाई फाइनल में जगह बना चुकी हैं और 2019 में रजत पदक जीत चुकी हैं। इसके अलावा विश्व रैंकिंग में 16वें स्थान पर काबिज चीनी ताइपे की चेंग येन चिंग भी पदक की दौड़ में अहम भूमिका निभा सकती हैं।
पुरुष वर्ग में सम्राट राणा भारतीय टीम का नेतृत्व करेंगे। उनके साथ विश्व नंबर दो खिलाड़ी और विश्व चैंपियनशिप के कांस्य पदक विजेता वरुण तोमर तथा श्रवण कुमार शामिल हैं। भारतीय निशानेबाजों को कजाखस्तान के विश्व नंबर आठ खिलाड़ी और म्यूनिख आईएसएसएफ विश्व कप के रजत पदक विजेता वैलेरी रखिमझान, चीनी ताइपे के सीह सियांग चेन और उज्बेकिस्तान के विश्व रैंक 25 खिलाड़ी मुखम्मद कमालोव से कड़ी चुनौती मिलने की संभावना है।
जूनियर वर्ग में जोनाथन गेविन एंटनी, मुकेश नेलावल्ली, बधिर ओलंपिक के पदक विजेता अभिनव देशवाल, हिमांशु राणा और प्रियांशु यादव भारत की ओर से निशाना साधेंगे। वहीं युवा वर्ग में डैरेन के डॉन, गिरीश गुप्ता, अभय धामा, मनदीप चौहान, धैर्य पराशर और हार्दिक बंसल प्रतिस्पर्धा में उतरेंगे।
इस चैंपियनशिप में भारत ने 118 निशानेबाजों का सबसे बड़ा दल उतारा है, जबकि कजाखस्तान 35 निशानेबाजों के साथ दूसरा सबसे बड़ा दल लेकर आया है। क्षेत्रीय पावरहाउस कोरिया और जापान ने भी मजबूत टीमें भेजी हैं। इसके अलावा चीनी ताइपे, वियतनाम और हांगकांग के निशानेबाजों से भी कड़े मुकाबले की उम्मीद जताई जा रही है।
