शिक्षा: बजट में पांच विश्वविद्यालय टाउनशिप, हर जिले में लड़कियों के लिए छात्रावास की घोषणा

नयी दिल्ली, एक फरवरी – केंद्रीय बजट 2026-27 में शिक्षा क्षेत्र को मजबूती देने के लिए कई अहम घोषणाएं की गई हैं। इनमें प्रमुख औद्योगिक और लॉजिस्टिक कॉरिडोर के आसपास पांच विश्वविद्यालय टाउनशिप की स्थापना, देश के हर जिले में लड़कियों के लिए छात्रावास, हजारों स्कूलों और कॉलेजों में ‘कंटेंट क्रिएटर लैब’ की स्थापना तथा शिक्षा और चिकित्सा उद्देश्यों के लिए स्रोत पर कर संग्रह (टीसीएस) की दर में कटौती शामिल है।

बजट में शिक्षा क्षेत्र के लिए कुल 1.39 लाख करोड़ रुपये से अधिक का आवंटन किया गया है, जिसमें उच्च शिक्षा के लिए 55,727 करोड़ रुपये शामिल हैं। लोकसभा में बजट पेश करते हुए वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा कि सरकार प्रमुख औद्योगिक और लॉजिस्टिक कॉरिडोर के आसपास पांच विश्वविद्यालय टाउनशिप विकसित करने में राज्यों को सहयोग देगी।

उन्होंने कहा, “इन प्रस्तावित शैक्षणिक क्षेत्रों में कई विश्वविद्यालय, कॉलेज और अनुसंधान संस्थान, कौशल केंद्र और आवासीय परिसर होंगे, जिससे शिक्षा, अनुसंधान और उद्योग के बीच बेहतर तालमेल स्थापित हो सकेगा।”

वित्त मंत्री ने देश के प्रत्येक जिले में लड़कियों के लिए एक छात्रावास स्थापित करने की घोषणा भी की। उन्होंने बताया कि विशेष रूप से उच्च शिक्षा के एसटीईएम (विज्ञान, प्रौद्योगिकी, इंजीनियरिंग और गणित) संस्थानों में लंबी पढ़ाई और प्रयोगशाला कार्य के दौरान छात्राओं को आने वाली चुनौतियों को ध्यान में रखते हुए यह प्रस्ताव लाया गया है। इसके तहत वीजीएफ (वायबिलिटी गैप फंडिंग) या पूंजीगत सहायता के माध्यम से छात्रावास बनाए जाएंगे।

बजट में पशु चिकित्सा महाविद्यालयों, अस्पतालों और निदान प्रयोगशालाओं के लिए ऋण-आधारित पूंजी सब्सिडी सहायता योजना का भी प्रस्ताव किया गया है। इसके अलावा मुंबई स्थित ‘इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ क्रिएटिव टेक्नोलॉजी’ को 15,000 माध्यमिक विद्यालयों में ‘कंटेंट क्रिएटर लैब’ स्थापित करने के लिए सहायता दी जाएगी। साथ ही 500 कॉलेजों में भी ऐसी लैब स्थापित करने का प्रावधान किया गया है।

शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने बजट की सराहना करते हुए इसे “विकसित भारत का बजट” बताया। उन्होंने कहा कि यह बजट शिक्षा और रोजगार सृजन को बढ़ावा देने वाला है और देशभर में भविष्य के लिए तैयार कौशल को मजबूत करने की दिशा में बड़े और साहसिक निवेश का खाका पेश करता है।

बजट में पूर्वी क्षेत्र में एक नए राष्ट्रीय डिजाइन संस्थान (एनआईडी) की स्थापना का भी प्रस्ताव किया गया है। इसके अलावा उदारीकृत प्रेषण योजना (एलआरएस) के तहत शिक्षा और चिकित्सा उद्देश्यों के लिए टीसीएस की दर को मौजूदा पांच प्रतिशत से घटाकर दो प्रतिशत करने की घोषणा की गई है। यह दर 10 लाख रुपये से अधिक की राशि या कुल प्रेषण पर लागू होगी, जबकि अन्य उद्देश्यों के लिए टीसीएस की 20 प्रतिशत दर यथावत रहेगी।

वित्त मंत्री ने शिक्षा से रोजगार और उद्यमिता को जोड़ने के उद्देश्य से सेवा क्षेत्र पर केंद्रित उपायों की सिफारिश के लिए एक उच्चाधिकार प्राप्त स्थायी समिति के गठन का भी प्रस्ताव रखा। उन्होंने कहा कि यह समिति कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) सहित उभरती प्रौद्योगिकियों के रोजगार और कौशल आवश्यकताओं पर प्रभाव का

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