राष्ट्रपति के ‘ऐट होम’ कार्यक्रम में गमोसा नहीं पहनकर राहुल ने पूर्वोत्तर का अपमान किया : शाह

डिब्रूगढ़, 30 जनवरी – केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने शुक्रवार को कांग्रेस नेता राहुल गांधी पर आरोप लगाया कि उन्होंने गणतंत्र दिवस के अवसर पर राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू द्वारा आयोजित ‘ऐट होम’ कार्यक्रम में उन्हें भेंट किया गया ‘गमोसा’ पहनने से इनकार कर पूर्वोत्तर की संस्कृति का अपमान किया है।

डिब्रूगढ़ के ‘खानिकार परेड ग्राउंड’ में एक जनसभा को संबोधित करते हुए शाह ने दावा किया कि विदेशी मेहमानों समेत सभी गणमान्य लोगों ने सम्मान के प्रतीक के रूप में गमोसा पहना था, लेकिन राहुल गांधी “एकमात्र ऐसे व्यक्ति थे जिन्होंने इसे पहनने से इनकार कर दिया।”

उन्होंने कहा,
“राहुल गांधी जो चाहें कर सकते हैं, लेकिन जब तक भारतीय जनता पार्टी सत्ता में है, हम पूर्वोत्तर की संस्कृति का किसी भी तरह से अपमान नहीं होने देंगे।”

कांग्रेस पर हमला जारी रखते हुए गृह मंत्री ने आरोप लगाया कि पार्टी ने अपने लंबे शासनकाल में असम के विकास के लिए कुछ नहीं किया।
उन्होंने कहा,
“मैं राहुल गांधी से पूछना चाहता हूं कि उनकी पार्टी ने असम को बंदूक, गोली, संघर्ष और युवाओं की मौतों के अलावा क्या दिया है?”

शाह ने कांग्रेस पर घुसपैठ को “वोट बैंक की राजनीति का हथियार” बनाने का भी आरोप लगाया।
उन्होंने दावा किया,
“भाजपा के सत्ता में आने के बाद असम में कोई घुसपैठ नहीं हुई है। जो लोग अवैध रूप से भारत आए हैं, उनकी पहचान कर उन्हें वापस भेजा जाएगा।”

उन्होंने कहा कि पिछले विधानसभा चुनावों से पहले भाजपा ने घुसपैठ रोकने का वादा किया था, क्योंकि इससे “असम की जनसांख्यिकी बदल गई थी और देश की सुरक्षा को खतरा पैदा हो गया था”, और पार्टी ने अपना वादा निभाया है।

केंद्रीय गृह मंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के मार्गदर्शन में असम में भाजपा सरकार ने विकास के सभी क्षेत्रों में कई पहल की हैं।
उन्होंने कहा,
“मुख्यमंत्री हिमंत विश्व शर्मा ने सभी समुदायों के सर्वांगीण विकास पर ध्यान केंद्रित करते हुए समान अधिकार सुनिश्चित किए हैं।”

शाह ने कांग्रेस पर चाय बागान श्रमिकों के कल्याण के लिए कुछ नहीं करने का भी आरोप लगाया।
उन्होंने कहा,
“भाजपा सरकार ने कानून में संशोधन कर यह सुनिश्चित किया है कि चाय बागान श्रमिकों को भूमि का स्वामित्व अधिकार मिले।”

उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि कांग्रेस ने असम और उसके चाय उद्योग को बदनाम करने के लिए एक ‘टूलकिट’ जारी की थी।
शाह ने कहा कि भारत और यूरोपीय संघ (ईयू) के बीच हाल में हुए मुक्त व्यापार समझौते (एफटीए) से असम की चाय को बड़ा लाभ होगा।
“इस समझौते के तहत असम की चाय यूरोपीय देशों को शून्य शुल्क पर निर्यात की जा सकेगी,” उन्होंने कहा।

गृह मंत्री ने यह भी दावा किया कि भाजपा सरकार ने असम को बाढ़ मुक्त बनाने का वादा किया था और 2026 के विधानसभा चुनावों से पहले इस दिशा में ठोस कदम उठाए जा चुके हैं।

उन्होंने असम के मतदाताओं से अपील की कि वे विकास, शांति, सुरक्षा, औद्योगिक और कृषि प्रगति सुनिश्चित करने तथा राज्य को घुसपैठ और बाढ़ से मुक्त करने के लिए भाजपा को लगातार तीसरी बार सत्ता में लाएं।


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