मुंबई, 30 जनवरी महाराष्ट्र के दिवंगत उपमुख्यमंत्री अजित पवार के राजनीतिक उत्तराधिकारी को लेकर राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (राकांपा) में चर्चाएं तेज हो गई हैं और सभी की नजर उनकी पत्नी एवं राज्यसभा सदस्य सुनेत्रा पवार पर टिकी हुई है। पार्टी के कार्यकारी अध्यक्ष प्रफुल्ल पटेल ने शुक्रवार को कहा कि सुनेत्रा पवार के राकांपा विधायक दल की नई नेता बनने पर कोई आपत्ति नहीं है, लेकिन इस महत्वपूर्ण जिम्मेदारी पर फैसला लेने से पहले परिवार की सहमति आवश्यक होगी।
पटेल की यह टिप्पणी पार्टी के कुछ नेताओं द्वारा दिए गए उन बयानों के बाद आई है, जिनमें कहा गया था कि सुनेत्रा पवार को राकांपा विधायक दल का नेता बनाए जाने के साथ ही महाराष्ट्र का उपमुख्यमंत्री भी नियुक्त किया जा सकता है।
पूर्व केंद्रीय मंत्री पटेल ने संवाददाताओं से कहा कि फिलहाल पार्टी की प्राथमिकता उपमुख्यमंत्री और राकांपा विधायक दल के नेता के रिक्त पदों को भरना है। ये दोनों पद अजित पवार के पास थे, जिनकी 28 जनवरी को एक विमान दुर्घटना में मृत्यु हो गई थी। उन्होंने स्पष्ट किया कि पार्टी अध्यक्ष जैसे शीर्ष संगठनात्मक पद पर नियुक्ति इस समय कोई मुद्दा नहीं है।
पटेल ने कहा,
“अजित पवार राकांपा विधायक दल के नेता और सत्तारूढ़ महायुति के एक अहम पदाधिकारी थे। हम नेतृत्व परिवर्तन को अंतिम रूप देने की प्रक्रिया में हैं। सुनेत्रा पवार के नाम का विरोध करने का कोई सवाल ही नहीं उठता।”
उन्होंने बताया कि राकांपा नेताओं ने मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस से मुलाकात कर उन्हें अवगत कराया है कि महायुति गठबंधन की घटक राकांपा अपने नेतृत्व परिवर्तन की प्रक्रिया पूरी कर रही है।
सुनेत्रा पवार वर्तमान में राज्यसभा सदस्य हैं और राज्य विधानसभा या विधान परिषद की सदस्य नहीं हैं। हालांकि, अजित पवार के निधन के बाद पुणे जिले की बारामती विधानसभा सीट रिक्त हो गई है, जिससे आगे की राजनीतिक संभावनाओं को लेकर अटकलें और तेज हो गई हैं।
पटेल ने कहा,
“जनता और पार्टी की भावनाएं एक जैसी हैं। हमें पहले परिवार से बात करनी होगी और उनसे महत्वपूर्ण नियुक्तियों को लेकर अनुमति लेनी होगी।”
इस बीच, राकांपा के वरिष्ठ नेताओं ने शुक्रवार को दक्षिण मुंबई स्थित मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के आधिकारिक आवास ‘वर्षा’ में उनसे मुलाकात की। लगभग डेढ़ घंटे तक चली इस बैठक में प्रफुल्ल पटेल, छगन भुजबल, प्रदेश अध्यक्ष सुनील तटकरे और पूर्व मंत्री धनंजय मुंडे समेत पार्टी के कई वरिष्ठ नेता मौजूद रहे।
राज्य सरकार में राकांपा कोटे से मंत्री नरहरि जिरवाल ने बृहस्पतिवार को सार्वजनिक रूप से इच्छा जताई थी कि सुनेत्रा पवार को उपमुख्यमंत्री नियुक्त किया जाना चाहिए।
उधर, अजित पवार के एक करीबी सहयोगी के अनुसार, दिवंगत उपमुख्यमंत्री राकांपा के दोनों धड़ों—अजित पवार के नेतृत्व वाला राकांपा और उनके चाचा शरद पवार के नेतृत्व वाला राकांपा (शप)—के विलय के इच्छुक थे और यह प्रक्रिया जल्द पूरी होने वाली थी।
इस बीच, शिवसेना (उबाठा) नेता संजय राउत ने टिप्पणी की थी कि विमान दुर्घटना में मारे गए अजित पवार को सच्ची श्रद्धांजलि यही होगी कि भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) उनके खिलाफ लगे आरोपों को वापस ले ले।
राउत के बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए भाजपा की महाराष्ट्र इकाई के मीडिया प्रभारी नवनाथ बान ने कहा कि यह मामला अदालत में विचाराधीन है और ऐसे समय में, जब पूरा राज्य अजित पवार की असमय मृत्यु पर शोक मना रहा है, राजनीतिक सवाल उठाना अनुचित है।
उन्होंने कहा,
“सिंचाई घोटाले से जुड़ा मामला पहले से अदालत में है। इसमें कोई संदेह नहीं है कि अजित पवार को न्याय मिलेगा और उनके खिलाफ लगाए गए सभी आरोप खारिज किए जाएंगे।”
अजित पवार के निधन के बाद राज्य की राजनीति में हलचल तेज हो गई है और राकांपा के भीतर नेतृत्व को लेकर होने वाले फैसलों पर सभी की नजर बनी हुई है।
