नयी दिल्ली, 30 जनवरी – भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने शुक्रवार को आरोप लगाया कि पश्चिम बंगाल की तृणमूल कांग्रेस सरकार की ‘घुसपैठ हितैषी’ नीतियों के कारण राज्य में राष्ट्रीय सुरक्षा खतरे में पड़ी है। पार्टी ने कहा कि कलकत्ता उच्च न्यायालय के हालिया आदेश से तृणमूल सरकार की नीतियां बेनकाब हो गई हैं।
राष्ट्रीय राजधानी में भाजपा मुख्यालय में आयोजित संवाददाता सम्मेलन को संबोधित करते हुए पार्टी के राष्ट्रीय प्रवक्ता और राज्यसभा सदस्य सुधांशु त्रिवेदी ने कहा कि उच्च न्यायालय द्वारा भारत–बांग्लादेश सीमा पर कांटेदार तार की बाड़ लगाने के लिए पहले से अधिग्रहित भूमि सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ) को सौंपने का निर्देश दिया जाना राष्ट्रीय सुरक्षा के लिहाज से एक अत्यंत महत्वपूर्ण कदम है।
उन्होंने आरोप लगाया कि तृणमूल कांग्रेस के शासनकाल में राजनीतिक लाभ के लिए राष्ट्रीय सुरक्षा से समझौता किया गया। त्रिवेदी ने कहा कि घुसपैठियों के वोट बैंक की राजनीति के चलते सीमाओं की सुरक्षा को दांव पर लगाया गया, जो अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण और चिंताजनक है।
गौरतलब है कि कलकत्ता उच्च न्यायालय ने बृहस्पतिवार को पश्चिम बंगाल सरकार को निर्देश दिया कि वह नौ सीमावर्ती जिलों में भारत–बांग्लादेश सीमा पर बाड़ लगाने के लिए अधिग्रहित भूमि को 31 मार्च तक बीएसएफ को सौंपे।
भाजपा प्रवक्ता ने कहा कि उच्च न्यायालय का फैसला तृणमूल सरकार की नीतियों के लिए एक बड़ा झटका है और इससे उसका असली चेहरा सामने आ गया है। उन्होंने दावा किया कि तृणमूल सरकार के कार्यकाल में राज्य की कानून व्यवस्था और राष्ट्रीय सुरक्षा दोनों प्रभावित हुई हैं।
त्रिवेदी ने कहा कि भाजपा को विश्वास है कि आगामी विधानसभा चुनावों में पश्चिम बंगाल की जनता राष्ट्रीय सुरक्षा से समझौता करने वाली सरकार को सत्ता से बाहर करेगी और भाजपा को निर्णायक जनादेश देगी, ताकि राज्य में राष्ट्रीय सुरक्षा, विकास और कानून व्यवस्था सुनिश्चित की जा सके।
