लखनऊ, 26 जनवरी । उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने 77वें गणतंत्र दिवस के अवसर पर प्रदेशवासियों को बधाई देते हुए आह्वान किया कि वे संविधान के आदर्शों से प्रेरित होकर ‘सशक्त, समृद्ध और आत्मनिर्भर भारत’ के निर्माण के लिए संकल्पित हों।
यहां राष्ट्रीय ध्वज फहराने के बाद अपने संबोधन में मुख्यमंत्री ने कहा कि भारत का संविधान व्यक्ति नहीं, बल्कि समष्टि के भाव को जोड़ने की प्रेरणा देता है। उन्होंने कहा, “यदि कोई व्यक्ति यह कहता है कि वह न्याय, संविधान या व्यवस्था से ऊपर है, तो यह भारत के संविधान की अवमानना है।”
योगी आदित्यनाथ ने कहा कि 26 जनवरी 1950 को लागू हुआ संविधान देश को एकजुट रखने और आगे बढ़ाने का आधार रहा है। 76 वर्षों की यात्रा में अनेक उतार-चढ़ाव आए, लेकिन ‘एक भारत–श्रेष्ठ भारत’ के संकल्प के अनुरूप उत्तर से दक्षिण और पूरब से पश्चिम तक देश की एकता और अखंडता मजबूत हुई है। इसमें संविधान की निर्णायक भूमिका रही है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि संविधान का वास्तविक संरक्षक भारत का नागरिक है और प्रत्येक संस्था, मंत्रालय व विभाग की यह जिम्मेदारी है कि वह नागरिकों के प्रति अपनी जवाबदेही सुनिश्चित करे। उन्होंने कहा कि जब भी संविधान की मूल भावनाओं का अनादर होता है, तब यह स्वतंत्रता के लिए बलिदान देने वाले महापुरुषों का भी अपमान होता है।
योगी ने संविधान को एक पवित्र दस्तावेज बताते हुए कहा कि यह हर विषम परिस्थिति में मार्गदर्शक है। उन्होंने ‘न्याय, समता और ममता’ के संवैधानिक मूल्यों का उल्लेख करते हुए कहा कि जाति, मत, मजहब और भाषा के आधार पर किसी भी प्रकार का भेदभाव नहीं होना चाहिए। यदि देश में समता और ममता का वातावरण सुदृढ़ होगा, तो ‘विकसित भारत’ के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के संकल्प को कोई नहीं रोक सकता।
उन्होंने कहा कि विकसित भारत की संकल्पना हर नागरिक के लिए गौरव का विषय है और इसका मार्ग समाज के अंतिम पायदान पर खड़े व्यक्ति से शुरू होता है। आज़ादी से पहले देश को विभाजित करने के कई प्रयास हुए, लेकिन वे सफल नहीं हो सके।
मुख्यमंत्री ने महात्मा गांधी, संविधान सभा के अध्यक्ष डॉ. राजेंद्र प्रसाद, संविधान शिल्पी डॉ. भीमराव आंबेडकर, सरदार वल्लभभाई पटेल, नेताजी सुभाषचंद्र बोस सहित स्वतंत्रता आंदोलन के सभी महान सपूतों और स्वतंत्र भारत की आंतरिक व बाह्य सुरक्षा के लिए बलिदान देने वाले वीरों को नमन किया।
इससे पहले, योगी आदित्यनाथ ने अपने आधिकारिक ‘एक्स’ हैंडल पर प्रदेशवासियों को गणतंत्र दिवस की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि राष्ट्रप्रेम, कर्तव्यनिष्ठा और विकास के प्रति समर्पण लोकतंत्र को सशक्त बनाता है। उन्होंने युवाओं से विशेष रूप से आग्रह किया कि वे संविधान के आदर्शों को आत्मसात कर नए उत्तर प्रदेश के निर्माण में सक्रिय भूमिका निभाएं और संविधान के प्रति निष्ठा, राष्ट्र के प्रति समर्पण तथा समाज के प्रति उत्तरदायित्व का संकल्प लें।
