पिछली सरकारों ने गरीबों के बच्चों की पढ़ाई पर नहीं दिया ध्यान : मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ

लखनऊ, 25 जनवरी ।उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने रविवार को पिछली सरकारों पर गरीबों और वंचित वर्ग के बच्चों की शिक्षा की उपेक्षा करने का आरोप लगाते हुए कहा कि पूर्ववर्ती शासन में परिवारवाद, भ्रष्टाचार और प्रशासनिक लापरवाही के कारण छात्रवृत्ति जैसी योजनाएं जरूरतमंद छात्रों तक नहीं पहुंच पाती थीं।

राजधानी लखनऊ स्थित इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान में आयोजित छात्रवृत्ति एवं शुल्क प्रतिपूर्ति वितरण कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने विपक्ष पर तीखा प्रहार किया। उन्होंने कहा कि पिछली सरकारों के कार्यकाल में शिक्षा व्यवस्था की स्थिति अत्यंत दयनीय थी, क्योंकि वहां गरीबों के बच्चों की पढ़ाई कभी प्राथमिकता नहीं रही।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा,
“आज से आठ–नौ साल पहले प्रदेश के सरकारी कॉलेजों की हालत देखकर आंखों में आंसू आ जाते थे। भवन जर्जर थे, सुविधाएं नहीं थीं, लेकिन उस ओर किसी ने ध्यान नहीं दिया, क्योंकि वहां गरीब का बच्चा पढ़ता था।”

पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव पर परोक्ष रूप से तंज कसते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि
“12 बजे तक सोकर उठने वाले ‘बबुआ’ को गरीबों के बच्चों की पढ़ाई की चिंता कहां थी। जिस प्रदेश का मुखिया दोपहर तक सोता हो, वह सूर्योदय की बात को भी सपना ही समझेगा।”

हालांकि मुख्यमंत्री ने अपने बयान में किसी का नाम नहीं लिया, लेकिन उनका संकेत स्पष्ट रूप से समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव की ओर माना जा रहा है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ इससे पहले भी सार्वजनिक मंचों से उन्हें ‘बबुआ’ संबोधित करते रहे हैं।

करीब 19 लाख छात्रों के खातों में सीधे पहुंची छात्रवृत्ति

मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर वित्तीय वर्ष 2025–26 के लिए प्रदेश के 18,78,726 छात्र-छात्राओं के बैंक खातों में 944.55 करोड़ रुपये की छात्रवृत्ति एवं शुल्क प्रतिपूर्ति की राशि का डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर (DBT) के माध्यम से अंतरण किया।

उन्होंने कहा कि जब सरकार की नीयत साफ और नीति स्पष्ट होती है, तब भ्रष्टाचार पर नियंत्रण संभव होता है।
मुख्यमंत्री ने कहा,
“पहले छात्रवृत्ति योजनाएं कई स्तरों पर भ्रष्टाचार की भेंट चढ़ जाती थीं। कभी सरकार की नीयत खराब होती थी, कभी परिवारवाद आड़े आता था, तो कभी विभागीय भ्रष्टाचार के कारण पैसा गरीब छात्रों तक नहीं पहुंच पाता था। आज एक क्लिक में बिना किसी भेदभाव के सीधे छात्रों के खातों में धन पहुंच रहा है।”

सामाजिक न्याय और समावेशी विकास की दिशा में कदम

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने गणतंत्र दिवस की पूर्व संध्या पर आयोजित इस कार्यक्रम को सामाजिक न्याय और समावेशी विकास की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल बताया। उन्होंने कहा कि यह कार्यक्रम इस बात का प्रमाण है कि प्रदेश सरकार शिक्षा को समाज के अंतिम पायदान पर खड़े व्यक्ति तक पहुंचाने के लिए पूरी प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रही है।

उन्होंने यह भी कहा कि शिक्षा ही वह माध्यम है, जिससे गरीब, वंचित और पिछड़े वर्ग के बच्चों को मुख्यधारा से जोड़ा जा सकता है और उत्तर प्रदेश को आत्मनिर्भर एवं विकसित राज्य बनाया जा सकता है।

Related Post

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *