लखनऊ, 24 जनवरी — उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शनिवार को युवाओं के लिए एक नयी रोजगार पहल की घोषणा करते हुए कहा कि यह पहल उनकी क्षमताओं को नौकरी और व्यापार के अवसरों से जोड़ने का कार्य करेगी। वह उत्तर प्रदेश स्थापना दिवस के अवसर पर आयोजित मुख्य समारोह को संबोधित कर रहे थे, जहां केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह भी उपस्थित थे।
नरेंद्र प्रेरणा स्थल पर आयोजित कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने प्रदेशवासियों को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि उत्तर प्रदेश दिवस के समारोह राज्य के सभी 75 जिलों में आयोजित किए जा रहे हैं। उन्होंने बताया कि राज्य के बाहर और विदेशों में रहने वाले उत्तर प्रदेश के लोग भी विभिन्न माध्यमों से इस आयोजन से जुड़ रहे हैं।
कार्यक्रम में भाजपा की उत्तर प्रदेश इकाई के अध्यक्ष एवं केंद्रीय मंत्री पंकज चौधरी, दोनों उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य और ब्रजेश पाठक, पर्यटन मंत्री जयवीर सिंह सहित कई गणमान्य लोग मौजूद थे।
मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी द्वारा भेजे गए संदेश का उल्लेख करते हुए कहा कि मोदी के नेतृत्व में पिछले 11 वर्षों में देश ने “परिवर्तित भारत” की यात्रा देखी है, जिसमें उत्तर प्रदेश की भूमिका महत्वपूर्ण रही है। उन्होंने मंच से प्रधानमंत्री का पत्र भी पढ़ा, जिसमें उत्तर प्रदेश की समृद्ध विरासत, विकास की दिशा, बेहतर होते बुनियादी ढांचे और सार्वजनिक सुविधाओं की सराहना की गई है।
योगी आदित्यनाथ ने कहा कि उत्तर प्रदेश दिवस को पहली बार औपचारिक रूप से वर्ष 2018 में मनाया गया था, जब राम नाईक राज्यपाल थे और प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के मार्गदर्शन में यह पहल शुरू की गई थी।
मुख्यमंत्री ने सरदार वल्लभभाई पटेल रोजगार क्षेत्र की घोषणा का उल्लेख करते हुए कहा कि इस योजना के तहत प्रत्येक जिले में लगभग 100 एकड़ भूमि विकसित की जाएगी। उन्होंने कहा, “इससे कौशल विकास, रोजगार और उद्यमिता को बढ़ावा मिलेगा तथा युवाओं की क्षमताओं को नौकरी और व्यापार की आवश्यकताओं के अनुरूप तैयार किया जा सकेगा।”
राज्य सरकार की प्रमुख योजनाओं का जिक्र करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि “एक जिला, एक उत्पाद” (ओडीओपी) कार्यक्रम ने उत्तर प्रदेश को आत्मनिर्भर बनाने में अहम भूमिका निभाई है और यह जिले के पारंपरिक उत्पादों को वैश्विक पहचान दिलाकर राज्य की अर्थव्यवस्था को मजबूत करेगा।
उन्होंने “एक जिला, एक व्यंजन” (ओडीओसी) पहल का उल्लेख करते हुए कहा कि इसके तहत स्वच्छ और पौष्टिक भोजन को बढ़ावा दिया जाएगा, जिसमें मोटा अनाज आधारित उत्पाद भी शामिल होंगे। इसके साथ ही स्थानीय व्यंजनों की जियोग्राफिकल टैगिंग, ब्रांडिंग, पैकेजिंग और डिजाइनिंग की जाएगी, जिससे घरेलू और वैश्विक मांग बढ़ेगी और निर्यात के नए अवसर खुलेंगे।
मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर उत्तर प्रदेश गौरव सम्मान से सम्मानित किए गए पांच व्यक्तियों को भी बधाई दी।
