लखनऊ, 22 जनवरी । समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष एवं उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने बृहस्पतिवार को भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) पर पूंजीवाद को बढ़ावा देने का आरोप लगाते हुए कहा कि पूंजीपतियों का बढ़ता प्रभाव समाजवादी आदर्शों के लिए गंभीर चुनौती है।
यादव यह टिप्पणी जनेश्वर मिश्र की पुण्यतिथि पर जनेश्वर मिश्र पार्क में उनकी प्रतिमा पर पुष्पांजलि अर्पित करने के बाद संवाददाताओं से बातचीत में कर रहे थे। इस अवसर पर पार्टी के कई पदाधिकारी और कार्यकर्ता मौजूद थे।
अखिलेश यादव ने कहा, “जब पूंजीपति हावी होते हैं, तो यह हमारे लिए चिंता का विषय बन जाता है कि समाजवादी आंदोलन कैसे आगे बढ़ेगा और हम जनेश्वर मिश्र जी, नेताजी (मुलायम सिंह यादव), बाबासाहेब भीमराव आंबेडकर और राम मनोहर लोहिया के आदर्शों को कैसे कायम रखेंगे।” उन्होंने पत्रकारों से अपील की कि वे किसी का भी “एजेंडा” न चलाएं।
यादव ने कहा कि समाजवादी लोग जनेश्वर मिश्र को इसलिए याद करते हैं क्योंकि उन्होंने आंदोलन की जिम्मेदारी समाजवादियों को सौंपी थी। “हम उस आंदोलन को आगे बढ़ा रहे हैं जो जनेश्वर मिश्र जी ने हमें सौंपा था,” उन्होंने कहा।
नोएडा में हाल में हुई सॉफ्टवेयर इंजीनियर युवराज मेहता की मौत से जुड़ी पूछताछ पर यादव ने कहा कि असली मुद्दा यह नहीं कि वह किसी पार्टी से जुड़े थे या दुर्घटना से पहले शराब के नशे में थे, बल्कि यह है कि सरकार और उसके अधिकारी उनकी जान बचाने में क्यों नाकाम रहे। उन्होंने कहा, “ऐसा सुनने में आ रहा है कि पानी बहुत ठंडा था और कोई भी उनकी जान बचाने आगे नहीं आया। यह सरकार की लापरवाही का मामला है।”
यादव ने कहा कि किसानों, गरीबों और आम नागरिकों की सुरक्षा तभी सुनिश्चित होगी जब भाजपा को सत्ता से हटाया जाएगा।
संभल में पुलिसकर्मियों के तबादले और मामलों से जुड़े सवाल पर उन्होंने कहा, “सच को ट्रांसफर नहीं किया जा सकता। आप सच को कैसे ट्रांसफर करेंगे?”
माघ मेला प्रशासन और स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद विवाद पर यादव ने कहा कि समाजवादी पार्टी देशभर के सनातनी शंकराचार्य के साथ खड़ी है। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा धर्म के नाम पर ऐसे काम कर रही है, जिन्हें करने से अधिकारी भी हिचकिचा रहे हैं। यादव ने कहा, “नोटिस जारी करने वाले या उन्हें स्रान से रोकने वाले अधिकारी इसका हिस्सा नहीं बनना चाहते, वे दबाव में ऐसा कर रहे हैं।”
उन्होंने भाजपा पर धर्म के रास्ते से भटकने और शंकराचार्य के सम्मान का उल्लंघन करने का आरोप लगाते हुए कहा, “अगर इतनी पवित्र जगह पर उन्हें पवित्र स्रान करने से रोका जा रहा है, तो इससे बड़ा अन्याय और क्या हो सकता है।”
अखिलेश यादव ने दोहराया कि समाजवादी पार्टी पीडीए (पिछड़ा, दलित, अल्पसंख्यक) की लड़ाई को आगे बढ़ाने और समाजवादी आंदोलन को मजबूत करने के अपने संकल्प पर कायम है।
