ब्रसेल्स, 21 जनवरी । अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा ग्रीनलैंड को अपने नियंत्रण में लेने और उसके समर्थकों पर शुल्क लगाने की धमकियों को यूरोप की सुरक्षा, समृद्धि और मूल सिद्धांतों के लिए गंभीर चुनौती बताया गया है। यूरोपीय संघ (ईयू) के एक शीर्ष अधिकारी ने बुधवार को यह चेतावनी दी।
यूरोपीय परिषद के अध्यक्ष एंटोनियो कोस्टा ने कहा कि अटलांटिक पार संबंधों की मौजूदा स्थिति में यूरोप की सुरक्षा, आर्थिक समृद्धि और सिद्धांत—तीनों की परीक्षा हो रही है। उन्होंने इन हालात पर चर्चा के लिए बृहस्पतिवार को ब्रसेल्स में यूरोपीय संघ के 27 सदस्य देशों के नेताओं की एक आपातकालीन शिखर बैठक बुलाने की घोषणा की है।
आर्कटिक क्षेत्र में खनिज संसाधनों से समृद्ध ग्रीनलैंड पर ‘कब्जा’ करने के ट्रंप के दृढ़ संकल्प—जिसे वे अमेरिका की सुरक्षा जरूरतों से जोड़ते हैं—ने यूरोप और कनाडा जैसे अमेरिकी सहयोगियों के बीच वाशिंगटन के प्रति भरोसे को कमजोर कर दिया है। ग्रीनलैंड डेनमार्क का एक अर्ध-स्वायत्त क्षेत्र है।
डेनमार्क ने हाल ही में ग्रीनलैंड में एक सैन्य ‘टोही’ बल भेजा है, जिसमें कई अन्य यूरोपीय देशों के सैनिक भी शामिल हैं। डेनमार्क वहां दीर्घकालिक सैन्य उपस्थिति पर भी विचार कर रहा है। इस कदम को ट्रंप की धमकियों के जवाब के रूप में देखा जा रहा है।
कोस्टा ने कहा कि यूरोपीय संघ के नेता ‘अंतरराष्ट्रीय कानून, क्षेत्रीय अखंडता और राष्ट्रीय संप्रभुता’ के सिद्धांतों पर एकजुट हैं। उन्होंने याद दिलाया कि इन्हीं सिद्धांतों के आधार पर यूरोपीय संघ ने रूस के आक्रमण के खिलाफ यूक्रेन का समर्थन किया है और अब यही सिद्धांत ग्रीनलैंड के संदर्भ में भी खतरे में नजर आ रहे हैं।
फ्रांस के स्ट्रासबर्ग में यूरोपीय संसद को संबोधित करते हुए कोस्टा ने जोर देकर कहा कि “डेनमार्क और ग्रीनलैंड को ही अपने भविष्य का फैसला करने का अधिकार है।” उन्होंने यह भी चेतावनी दी कि अतिरिक्त शुल्क लगाने से ट्रांसअटलांटिक संबंध कमजोर होंगे और यह यूरोपीय संघ तथा अमेरिका के बीच पहले से हुए व्यापार समझौते की भावना के अनुरूप नहीं है।
यूरोपीय संसद को पिछले जुलाई में हुए व्यापार समझौते का समर्थन करना है, लेकिन ट्रंप की शुल्क संबंधी धमकियों के कारण कई सांसदों ने इसके समर्थन से पीछे हटने के संकेत दिए हैं।
कोस्टा ने कहा, “हम किसी भी प्रकार के दबाव के खिलाफ खुद को, अपने सदस्य देशों को, अपने नागरिकों और अपनी कंपनियों को बचाने के लिए तैयार हैं। यूरोपीय संघ के पास इसके लिए पर्याप्त शक्ति और साधन मौजूद हैं।”
ग्रीनलैंड को लेकर ट्रंप की धमकियों के बाद यूरोपीय संघ के नेता सतर्क हो गए हैं और अपने दीर्घकालिक सहयोगी तथा नाटो के सबसे शक्तिशाली सदस्य अमेरिका के साथ संबंधों पर पुनर्विचार कर रहे हैं।
इस बीच, यूरोपीय आयोग की अध्यक्ष उर्सुला वॉन डेर लेयेन ने भी चेतावनी दी कि यूरोपीय संघ “एक महत्वपूर्ण मोड़ पर खड़ा है।” उन्होंने कहा कि यदि अमेरिका की ओर से शुल्क लगाए जाते हैं तो यूरोपीय संघ “एकता, तत्परता और दृढ़ संकल्प के साथ कार्रवाई करने के लिए पूरी तरह तैयार है।”
