मौनी अमावस्या पर 3.82 करोड़ श्रद्धालुओं ने गंगा-संगम में लगाई डुबकी

प्रयागराज, 18 जनवरी (भाषा)। प्रयागराज में चल रहे माघ मेले के दौरान रविवार को मौनी अमावस्या के पावन अवसर पर शाम चार बजे तक लगभग 3.82 करोड़ श्रद्धालुओं ने गंगा और संगम में आस्था की डुबकी लगाई।

इस अवसर पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर स्नान कर रहे श्रद्धालुओं और साधु-संतों पर हेलीकॉप्टर से पुष्पवर्षा की गई।

मेला प्रशासन के एक अधिकारी ने बताया कि शनिवार रात 12 बजे से ही गंगा और संगम क्षेत्र में स्नानार्थियों का आगमन शुरू हो गया था, जो पूरे दिन जारी रहा।

इस बीच, सुबह के समय संगम नोज पर उस समय विवाद की स्थिति उत्पन्न हो गई, जब ज्योतिषपीठ के शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती को बड़ी संख्या में समर्थकों के साथ संगम जाने से पुलिस ने रोक दिया।

पुलिस अधीक्षक (माघ मेला) नीरज पांडेय ने बताया कि स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद ने बिना अनुमति लगभग 200–250 समर्थकों के साथ पुल नंबर दो का बैरियर तोड़कर स्नान घाट की ओर प्रवेश करने का प्रयास किया। उन्होंने बताया कि उन्हें श्रद्धालुओं की अत्यधिक भीड़ के बारे में अवगत कराया गया था, लेकिन इसके बावजूद वह नहीं माने और पुलिस द्वारा रोके जाने पर बिना स्नान किए वापस लौट गए।

पांडेय ने कहा, “पुलिस प्रशासन सभी साधु-संतों का सम्मान करता है, लेकिन श्रद्धालुओं की सुरक्षा हमारे लिए सर्वोपरि है।”

इससे पहले मकर संक्रांति के अवसर पर 1.03 करोड़ और एकादशी पर लगभग 85 लाख श्रद्धालुओं ने गंगा एवं संगम में स्नान किया था।

मंडलायुक्त सौम्या अग्रवाल ने बताया कि श्रद्धालुओं को सही मार्गदर्शन देने के लिए मेला क्षेत्र में खंभों पर रिफ्लेक्टिव टेप लगाए गए हैं और नागरिक सुरक्षा स्वयंसेवक लगातार मार्गदर्शन कर रहे हैं।

उन्होंने बताया कि माघ मेला 800 हेक्टेयर क्षेत्र में सात सेक्टरों में आयोजित किया गया है। मेला क्षेत्र में 25 हजार से अधिक शौचालय बनाए गए हैं और 3,500 से अधिक सफाईकर्मी तैनात किए गए हैं।

अग्रवाल के अनुसार, अल्पकालिक कल्पवास करने के इच्छुक श्रद्धालुओं के लिए मेला क्षेत्र में टेंट सिटी विकसित की गई है, जहां ध्यान, योग और अन्य सुविधाएं उपलब्ध हैं। श्रद्धालुओं के सुगम आवागमन के लिए बाइक टैक्सी और गोल्फ कार्ट की सुविधा भी प्रदान की गई है।

पुलिस अधीक्षक नीरज पांडेय ने बताया कि श्रद्धालुओं की सुरक्षा और यातायात व्यवस्था के लिए पूरे मेला क्षेत्र में 10,000 से अधिक पुलिसकर्मी तैनात हैं। उन्होंने बताया कि माघ मेला 2025–26 के लिए कुल 12,100 फुट लंबे घाटों का निर्माण किया गया है, जहां सभी आवश्यक मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराई गई हैं।

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