ममता बनर्जी ने प्रधान न्यायाधीश से संविधान और न्यायपालिका की सुरक्षा का आग्रह किया

जलपाईगुड़ी, 17 जनवरी। पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने शनिवार को प्रधान न्यायाधीश सूर्यकांत से देश के संविधान, लोकतंत्र और न्यायपालिका की रक्षा करने का आग्रह किया। यह अपील उन्होंने कलकत्ता उच्च न्यायालय की जलपाईगुड़ी सर्किट बेंच के नवनिर्मित भवन के उद्घाटन कार्यक्रम में की।

मुख्यमंत्री ने कहा, “कृपया देश के संविधान, लोकतंत्र, न्यायपालिका, इतिहास और भूगोल को विनाश से बचाएं। आप हमारे संविधान के संरक्षक हैं और हम आपके कानूनी संरक्षण में हैं।” उन्होंने प्रधान न्यायाधीश से मीडिया ट्रायल को रोकने का भी अनुरोध किया, ताकि मामलों के निपटारे से पहले लोगों को गलत तरीके से प्रभावित न किया जा सके।

बनर्जी ने वकीलों की नई पीढ़ी पर भी ध्यान देने की आवश्यकता जताई और कहा कि कनिष्ठ वकील अपने संघर्ष के बावजूद उचित लाभ नहीं पा रहे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार ने पश्चिम बंगाल में त्वरित अदालतों के लिए धनराशि देना बंद कर दिया, लेकिन उनकी सरकार ने अब तक 88 त्वरित अदालतें स्थापित की हैं। इनमें 52 महिलाओं के लिए, सात पॉक्सो, चार श्रम और 19 मानवाधिकार अदालतें शामिल हैं।

मुख्यमंत्री ने जलपाईगुड़ी सर्किट बेंच की नयी इमारत की प्रशंसा करते हुए कहा कि यह कलकत्ता उच्च न्यायालय के भवन से बेहतर है। उन्होंने बताया कि भवन निर्माण के लिए लगभग 40.08 एकड़ भूमि आवंटित की गई थी और राज्य सरकार ने इस पर 500 करोड़ रुपये से अधिक खर्च किए हैं।

इस अवसर पर प्रधान न्यायाधीश सूर्यकांत, कलकत्ता उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश सुजॉय पॉल, पूर्व उच्चतम न्यायालय न्यायाधीश, पश्चिम बंगाल के एडवोकेट जनरल किशोर दत्ता और केंद्रीय कानून एवं न्याय मंत्री अर्जुन राम मेघवाल सहित कई गणमान्य व्यक्ति उपस्थित थे।

ममता बनर्जी की यह अपील देश की संवैधानिक संस्थाओं और न्यायपालिका की स्वतंत्रता को मजबूत करने और लोकतांत्रिक प्रक्रिया की रक्षा की दिशा में एक महत्वपूर्ण संदेश के रूप में देखी जा रही है।

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