बेंगलुरु, 15 जनवरी : कर्नाटक के उपमुख्यमंत्री डी. के. शिवकुमार ने बृहस्पतिवार को कहा कि कांग्रेस नेता राहुल गांधी के साथ उनकी हालिया मुलाकात नियमित राजनीतिक संवाद का हिस्सा थी और इसे लेकर किसी तरह के राजनीतिक निहितार्थ नहीं निकाले जाने चाहिए।
शिवकुमार ने कहा कि वह विभिन्न मुद्दों पर पार्टी नेतृत्व के साथ बातचीत करते रहेंगे। उन्होंने ‘एक्स’ पर किए गए अपने पोस्ट—“प्रयास विफल हो सकते हैं, लेकिन प्रार्थनाएं नहीं”—के संदर्भ में स्पष्ट किया कि यह कावेरी जल विवाद में हालिया घटनाक्रम से जुड़ा था।
उन्होंने बताया, “मेरी अर्जी के बाद कावेरी मुद्दे ने अदालत में नया मोड़ लिया है। अदालत ने केंद्र सरकार से कहा है कि उसे मेकेदातु बैलेंसिंग जलाशय के मुद्दे पर निर्णय लेना होगा। इसी संदर्भ में मैंने यह ट्वीट किया था।”
उपमुख्यमंत्री ने मीडिया द्वारा इस पोस्ट की अलग-अलग व्याख्याओं को खारिज कर दिया।
मैसूरु दौरे के दौरान, तमिलनाडु रवाना होने से पहले मंगलवार को राहुल गांधी से हुई मुलाकात पर शिवकुमार ने कहा कि उन्होंने कांग्रेस नेता से बातचीत की है, लेकिन चर्चा का विवरण साझा नहीं कर सकते। उन्होंने कहा, “मैं यह नहीं कहूंगा कि मैंने उनसे बात नहीं की। हमारी चर्चा मेरे और उनके बीच की बात है।”
शिवकुमार ने बताया कि वह शुक्रवार को दिल्ली जाएंगे और वहां राहुल गांधी से मुलाकात करेंगे। उन्होंने कहा, “दिल्ली में मेरी उनसे असम विधानसभा चुनावों को लेकर बैठक निर्धारित है।”
कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे से मुलाकात पर उन्होंने स्पष्ट किया कि पार्टी की राज्य इकाई के अध्यक्ष के रूप में राष्ट्रीय अध्यक्ष के राज्य दौरे पर स्वागत करना पार्टी प्रोटोकॉल का हिस्सा है।
राहुल गांधी से मुलाकात के बाद समर्थकों में उत्साह को लेकर पूछे गए सवाल पर शिवकुमार ने कहा कि उन्हें ऐसी प्रतिक्रियाओं की जानकारी नहीं है। उन्होंने दोहराया, “राहुल गांधी से मेरी मुलाकात कोई नई बात नहीं है। पार्टी अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे, लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी और अन्य वरिष्ठ नेताओं से मिलना कोई असामान्य या सार्वजनिक चर्चा का विषय नहीं होना चाहिए।”
