कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने मंगलवार को केंद्र सरकार पर देश के लोकतांत्रिक ढांचे और जनता की आवाज को कमजोर करने का आरोप लगाया। तमिलनाडु के उदगमंडलम जिले के गुडलूर में एक स्कूल कार्यक्रम के दौरान छात्रों से बातचीत करते हुए उन्होंने कहा कि लोकतंत्र का मूल अर्थ अपनी बात कहने का अधिकार है, लेकिन आज उसी अधिकार पर हमला किया जा रहा है।
राहुल गांधी ने कहा कि वह ऐसे भारत की कल्पना करते हैं जहां लोग एक-दूसरे के प्रति दयालु हों, संवाद करें, एक-दूसरे की परंपराओं, भाषाओं और धर्मों का सम्मान करें तथा समाज में सहानुभूति और आपसी समझ का भाव हो। उन्होंने छात्रों से विनम्रता को जीवन का सबसे महत्वपूर्ण मूल्य अपनाने की अपील करते हुए कहा कि किसी भी राजनीतिक नेता, छात्र या शिक्षक के लिए विनम्र होना अनिवार्य है।
एक छात्र के सवाल के जवाब में उन्होंने कहा कि लोकतंत्र तभी मजबूत होता है जब हर नागरिक को अपनी बात रखने की स्वतंत्रता हो। उन्होंने आरोप लगाया कि आज देश में लोकतांत्रिक संस्थानों पर लगातार दबाव डाला जा रहा है और यह हमला उन लोगों द्वारा किया जा रहा है जो सत्ता में बैठकर सरकार चला रहे हैं।
राहुल गांधी ने निर्वाचन आयोग और अन्य संवैधानिक संस्थानों का उल्लेख करते हुए कहा कि इन पर भी हमला हो रहा है और जो लोग सत्ताधारी विचारधारा से सहमत नहीं हैं, उन्हें डराने-धमकाने की कोशिश की जा रही है। उन्होंने कहा कि ऐसे समय में देश को साहसी, आत्मविश्वासी और सवाल पूछने से न डरने वाले युवाओं की जरूरत है।
उन्होंने विविधता पर जोर देते हुए कहा कि भारत अनेक धर्मों, संस्कृतियों और भाषाओं का देश है और सभी का सम्मान किया जाना चाहिए। किसी भी व्यक्ति को उसकी भाषा या धर्म के आधार पर निशाना बनाना गलत है।
अपने ऊपर होने वाले व्यक्तिगत हमलों के सवाल पर राहुल गांधी ने कहा कि उन पर अक्सर हमले होते रहते हैं, लेकिन वह उन्हें गंभीरता से नहीं लेते। पर्यावरण से जुड़े एक प्रश्न पर उन्होंने कहा कि विकास के नाम पर प्रकृति का बलिदान नहीं किया जाना चाहिए और पर्यावरण संरक्षण व विकास के बीच संतुलन बेहद जरूरी है।
महिलाओं की भूमिका पर बोलते हुए उन्होंने कहा कि उन्होंने अपनी दादी, मां और बहन से बहुत कुछ सीखा है और महिलाओं को पुरुषों की तुलना में अधिक सक्षम, संवेदनशील और दूरदर्शी पाया है। उन्होंने विभिन्न क्षेत्रों में महिलाओं की मजबूत भागीदारी की आवश्यकता पर जोर दिया।
कार्यक्रम के अंत में राहुल गांधी ने छात्रों से गुणवत्तापूर्ण सरकारी शिक्षा, शिक्षा बजट में वृद्धि और रोजगार सृजन के महत्व पर भी चर्चा की और तमिल भाषा में लोगों को पोंगल की शुभकामनाएं दीं।
