आउटसोर्सिंग नियुक्तियों में सख्ती: असीम अरुण ने स्पष्ट शासनादेश जारी करने के निर्देश दिए

समाज कल्याण राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) असीम अरुण

लखनऊ। उत्तर प्रदेश के समाज कल्याण राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) असीम अरुण ने समाज कल्याण विभाग में आउटसोर्सिंग के माध्यम से होने वाली नियुक्तियों को लेकर सख्त रुख अपनाया है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि आउटसोर्सिंग नियुक्तियों के लिए स्पष्ट और ठोस शासनादेश जारी किए जाएं, ताकि भविष्य में किसी भी तरह की अनियमितता पर पूरी तरह रोक लगाई जा सके।

रविवार को जारी एक आधिकारिक बयान के अनुसार, मुख्यमंत्री अभ्युदय योजना के अंतर्गत कुछ पाठ्यक्रम समन्वयकों द्वारा फर्जी अभिलेखों के आधार पर नियुक्ति प्राप्त किए जाने के मामले सामने आए हैं। इन मामलों को गंभीरता से लेते हुए मंत्री असीम अरुण ने यह निर्देश जारी किए हैं।

उन्होंने कहा कि नए शासनादेश के जरिए यह सुनिश्चित किया जाएगा कि आउटसोर्सिंग के माध्यम से की जाने वाली सभी नियुक्तियां निर्धारित नियमों, मानकों और तय प्रक्रिया के अनुरूप हों। शासनादेश में यह स्पष्ट प्रावधान होगा कि नियुक्ति से पहले संबंधित कार्मिकों के शैक्षिक एवं अन्य आवश्यक दस्तावेजों की पूर्ण जांच अनिवार्य रूप से की जाए। इसके साथ ही सभी आउटसोर्सिंग कर्मचारियों का पुलिस सत्यापन भी कराया जाएगा।

असीम अरुण ने विभाग में वर्तमान में कार्यरत आउटसोर्सिंग कर्मियों के दस्तावेजों की भी व्यापक जांच कराने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि यह प्रक्रिया अगले तीन महीनों के भीतर पूरी की जाए, ताकि किसी भी तरह की गड़बड़ी की संभावना न रहे।

मंत्री ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि समाज कल्याण विभाग में किसी भी प्रकार की अनियमितता या लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी। आउटसोर्सिंग के जरिए की जाने वाली सभी नियुक्तियां पूरी तरह पारदर्शी होंगी और जहां भी गड़बड़ी पाई जाएगी, वहां संबंधितों के खिलाफ सख्त कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।

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