प्रयागराज (उप्र), 10 जनवरी । उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शनिवार को कहा कि माघ मेला के अवसर पर पौष पूर्णिमा के दिन अनुमान से कहीं अधिक श्रद्धालु प्रयागराज पहुंचे और 31 लाख से ज्यादा लोगों ने पावन त्रिवेणी संगम में स्नान किया। उन्होंने बताया कि प्रशासन का अनुमान 10 से 15 लाख श्रद्धालुओं के आने का था, लेकिन उससे दोगुने से भी अधिक लोगों की उपस्थिति रही।
मुख्यमंत्री ने माघ मेला की व्यवस्थाओं की समीक्षा के बाद यह जानकारी दी। उन्होंने कहा, “14–15 जनवरी को मकर संक्रांति, 18 जनवरी को मौनी अमावस्या, 23 जनवरी को वसंत पंचमी, इसके बाद माघ पूर्णिमा और 15 फरवरी को महाशिवरात्रि के स्नान संपन्न होंगे। पूरे आयोजन के लिए सभी विभागों ने व्यापक और समन्वित तैयारियां की हैं।”
योगी आदित्यनाथ ने बताया कि इस वर्ष माघ मेला क्षेत्र में घाटों की लंबाई बढ़ाई गई है। साथ ही स्वच्छता पर विशेष जोर दिया गया है और भीषण शीतलहर से श्रद्धालुओं की सुरक्षा के लिए आवश्यक इंतजाम किए गए हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रयागराज के दारागंज क्षेत्र में जिस स्थल पर भगवान रामानंदाचार्य जी का प्राकट्य हुआ था, वहां उनके स्मारक और मंदिर निर्माण में राज्य सरकार पूरा सहयोग करेगी। उन्होंने रामानंदाचार्य द्वारा समाज को जोड़ने के प्रयासों का उल्लेख करते हुए कहा कि उन्होंने विभिन्न जातियों से द्वादश शिष्य बनाए, जिनमें कबीरदास, गुरु रविदास, गुरु पीपा, धन्ना और सैन जैसे संत शामिल थे।
उन्होंने कहा कि रामानंद परंपरा से निकली विभिन्न धाराएं आज भी समाज को एक सूत्र में बांधने का कार्य कर रही हैं। इस अवसर पर विभिन्न परंपराओं के संतों की उपस्थिति सनातन धर्म की एकता का संदेश दे रही है।
इससे पहले मुख्यमंत्री मोटर नौका से संगम पहुंचे। उन्होंने यमुना नदी में कलरव कर रहे पक्षियों को दाना खिलाया और संगम स्नान के बाद त्रिवेणी संगम का पूजन-अर्चन किया तथा मां गंगा की आरती उतारी।
योगी आदित्यनाथ ने हनुमान कॉरिडोर का निरीक्षण भी किया और इसके बाद बड़े हनुमान मंदिर में पूजा-अर्चना की। इस दौरान संतोषाचार्य जी महाराज उर्फ ‘सतुआ बाबा’, कैबिनेट मंत्री स्वतंत्र देव सिंह और नंदगोपाल गुप्त ‘नंदी’, विधायक सिद्धार्थनाथ सिंह, हर्षवर्धन वाजपेयी तथा पूर्व सांसद विनोद सोनकर सहित कई संत और जनप्रतिनिधि मौजूद रहे।
