नयी दिल्ली, 10 जनवरी। कांग्रेस ने उत्तराखंड के अंकिता भंडारी हत्याकांड की जांच केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) से निष्पक्ष, दबाव-मुक्त और समयबद्ध तरीके से कराने की मांग की है। पार्टी का कहना है कि सीबीआई इस मामले की जांच छह महीने के भीतर पूरी करे और सबूत नष्ट करने वालों व राजनीतिक संरक्षण देने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।
कांग्रेस की उत्तराखंड इकाई लंबे समय से मामले में नए तथ्यों के सामने आने के बाद सीबीआई जांच की मांग कर रही थी। हाल ही में उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने अंकिता के माता-पिता के अनुरोध पर मामले की सीबीआई जांच की सिफारिश की है।
महिला कांग्रेस की राष्ट्रीय अध्यक्ष अलका लांबा ने शनिवार को संवाददाताओं से कहा कि सीबीआई को मामले में कथित “वीआईपी पहलू” की स्वतंत्र जांच करनी चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि अंकिता जिस रिजॉर्ट में काम करती थी, उस पर बिना किसी न्यायिक आदेश के बुलडोजर चलाया गया, जिससे महत्वपूर्ण सबूत नष्ट हुए। लांबा ने कहा कि सबूत नष्ट करने का आदेश देने वालों और इसमें शामिल जनप्रतिनिधियों के खिलाफ कार्रवाई होनी चाहिए।
उन्होंने सवाल उठाया कि विशेष जांच दल (एसआईटी) ने उन लोगों से पूछताछ क्यों नहीं की, जिनका जिक्र अंकिता के पिता ने अहम भूमिका के तौर पर किया है। साथ ही उन्होंने यह भी पूछा कि एसआईटी ने कथित वीआईपी की पहचान सार्वजनिक क्यों नहीं की और क्या जांच में किसी वीआईपी का नाम सामने आया।
लांबा ने कार्यस्थलों पर महिलाओं की सुरक्षा से जुड़े कानूनों के कड़ाई से पालन की मांग करते हुए कहा कि राजनीतिक संरक्षण प्राप्त संस्थानों में भी महिला सुरक्षा मानदंडों का समान रूप से अनुपालन होना चाहिए। उन्होंने पूछा कि क्या गरीब परिवार की बेटी की जान कम कीमती होती है और क्या यह सुनिश्चित किया जा सकता है कि आरोपी भविष्य में किसी तरह की रिहाई न पाएं।
गौरतलब है कि पौड़ी जिले के वनंतरा रिजॉर्ट में रिसेप्शनिस्ट के रूप में काम करने वाली 19 वर्षीय अंकिता भंडारी की 2022 में हत्या कर दी गई थी। इस मामले में रिजॉर्ट के मालिक पुलकित आर्य और उसके दो कर्मचारियों को दोषी ठहराते हुए अदालत ने उम्रकैद की सजा सुनाई है। पुलकित, भाजपा के पूर्व नेता विनोद आर्य का पुत्र है।
सीबीआई जांच की मांग उस समय और तेज हो गई जब अभिनेत्री उर्मिला सनावर ने, स्वयं को विधायक सुरेश राठौड़ की पत्नी बताते हुए, मामले में एक “वीआईपी” की संलिप्तता का आरोप लगाया। उर्मिला ने कथित ऑडियो रिकॉर्डिंग और वीडियो जारी कर भाजपा नेता दुष्यंत कुमार गौतम का नाम लेने का दावा किया। इसके बाद देहरादून और हरिद्वार में उर्मिला और राठौड़ के खिलाफ कई प्राथमिकी दर्ज की गई हैं।
कांग्रेस ने कहा है कि निष्पक्ष जांच और जवाबदेही तय किए बिना अंकिता भंडारी को पूर्ण न्याय नहीं मिल सकता, इसलिए सीबीआई को तय समय-सीमा में स्वतंत्र रूप से जांच पूरी करनी चाहिए।
