अशोक लेलैंड का ईवी संयंत्र उत्तर प्रदेश के औद्योगिक बदलाव का प्रतीक: मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ

लखनऊ, नौ जनवरी । उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शुक्रवार को कहा कि लखनऊ में अशोक लेलैंड के अत्याधुनिक इलेक्ट्रिक वाहन (ईवी) विनिर्माण संयंत्र का उद्घाटन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में राज्य में निवेशकों के बढ़ते भरोसे का स्पष्ट संकेत है। उन्होंने इसे उत्तर प्रदेश के औद्योगिक परिवर्तन और सतत विकास की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम बताया।

अशोक लेलैंड के ईवी संयंत्र के उद्घाटन अवसर पर आयोजित कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने बताया कि इस कारखाने की मौजूदा वार्षिक विनिर्माण क्षमता 2,500 इकाइयों की है, जिसे चरणबद्ध तरीके से बढ़ाकर 5,000 इकाइयों तक किया जाएगा। कार्यक्रम में रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और केंद्रीय भारी उद्योग मंत्री एच.डी. कुमारस्वामी भी मौजूद थे।

आदित्यनाथ ने कहा कि यह परियोजना औद्योगिक विकास के साथ-साथ पर्यावरण संरक्षण के प्रति राज्य की प्रतिबद्धता को दर्शाती है। उन्होंने कहा कि वैश्विक तापमान वृद्धि और जलवायु परिवर्तन जैसी चुनौतियों के दौर में इलेक्ट्रिक परिवहन समय की आवश्यकता बन चुका है और यह संयंत्र उसी दिशा में एक ठोस पहल है।

मुख्यमंत्री ने बताया कि इस ईवी संयंत्र से राज्य के हजारों युवाओं को प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से रोजगार के अवसर मिलेंगे। उन्होंने उत्तर प्रदेश को निवेश के लिए चुनने पर हिंदुजा परिवार को बधाई देते हुए कहा कि यह परियोजना वर्ष 2017 के बाद राज्य में आए व्यापक बदलावों का प्रत्यक्ष प्रमाण है।

योगी आदित्यनाथ ने कहा, “उत्तर प्रदेश अब अव्यवस्था और अराजकता के लिए पहचाना जाने वाला राज्य नहीं रहा, बल्कि आज यह ऐसा प्रदेश बन गया है जो अपनी क्षमताओं को ठोस नतीजों में बदलता है।”

बुनियादी ढांचे के विकास पर प्रकाश डालते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य में एक्सप्रेसवे का व्यापक नेटवर्क, मेट्रो सेवाएं, देश का सबसे बड़ा रेल नेटवर्क, मालगाड़ियों के लिए दो समर्पित गलियारे, आधुनिक लॉजिस्टिक हब, रैपिड रेल और अंतर्देशीय जलमार्ग विकसित किए गए हैं, जिससे निवेश के अनुकूल माहौल तैयार हुआ है।

उन्होंने बताया कि पिछले आठ से नौ वर्षों में उत्तर प्रदेश को लगभग 45 लाख करोड़ रुपये के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुए हैं, जिनमें से कई परियोजनाएं धरातल पर उतर चुकी हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि अशोक लेलैंड का यह ईवी संयंत्र ‘मेक इन इंडिया’ और ‘आत्मनिर्भर भारत’ अभियानों के अनुरूप है और ‘डबल-इंजन’ सरकार के तहत तेज विकास का सशक्त उदाहरण है।

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