अमेठी, आठ जनवरी । उत्तर प्रदेश की राजनीति में भाजपा विधायक सुरेश पासी के हालिया बयान ने विवाद खड़ा कर दिया है। जगदीशपुर से विधायक सुरेश पासी का कथित बयान—”मुझे मुस्लिम वोट नहीं चाहिए”—सोशल मीडिया पर वायरल हो गया है।
वीडियो में सुरेश पासी सात जनवरी को एक पुल के उद्घाटन के बाद पत्रकारों से बात करते हुए कहते दिखाई दे रहे हैं कि उन्हें मुस्लिम वोटों की जरूरत नहीं है और वे न मस्जिदों में जाते हैं और न ही समुदाय के किसी सामाजिक कार्यक्रम में शामिल होते हैं। उन्होंने अपना रुख ‘बिल्कुल साफ’ बताया।
भाजपा ने बयान से खुद को अलग कर लिया है और इसे पासी की व्यक्तिगत राय बताया है। पार्टी की जिला इकाई के अध्यक्ष सुधांशु शुक्ला ने कहा, “भाजपा ‘सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास’ में विश्वास करती है। सुरेश पासी का बयान उनकी निजी राय है और इसका पार्टी की विचारधारा से कोई लेना-देना नहीं है।”
वहीं, विपक्षी दलों ने सुरेश पासी के बयान की कड़ी आलोचना की है। कांग्रेस के जिला अध्यक्ष प्रदीप सिंघल ने इसे राजनीतिक रूप से प्रेरित बताते हुए कहा कि भाजपा नेता चुनाव के समय ऐसे बयान देकर समुदायों के बीच दरार पैदा करते हैं। सिंघल ने कहा, “यह सिर्फ वोट पाने का नाटक है, जिसमें एक धर्म को दूसरे धर्म से और एक जाति को दूसरी जाति से लड़ाने की कोशिश होती है।”
समाजवादी पार्टी के जिला अध्यक्ष राम उदित यादव ने भी बयान को समाज में नफरत फैलाने वाला करार दिया। उन्होंने कहा, “हिंदू-मुस्लिम बंटवारा भाजपा की राजनीति का हिस्सा है। सुरेश पासी उसी पार्टी के हैं और भाजपा वोटों के लिए किसी भी हद तक जा सकती है।”
इस घटना के बाद अमेठी में राजनीतिक हलचल तेज हो गई है और बयान को लेकर सार्वजनिक बहस जारी है।
