जेपी ‘धोखाधड़ी’ मामले में ईडी ने 400 करोड़ रुपये की संपत्ति जब्त की

नयी दिल्ली, सात जनवरी –  प्रवर्तन निदेशालय ने बुधवार को कहा कि उसने जेपी इंफ्राटेक के पूर्व प्रबंध निदेशक मनोज गौड़ से जुड़े एक ट्रस्ट और संपत्तियों के खरीद-फरोख्त के काम से जुड़ी कंपनी ‘इन्वेस्टर्स क्लिनिक’ के प्रवर्तक हनी कटियाल की कंपनी की कुल 400 करोड़ रुपये की संपत्ति जब्त की हैं।

धन शोधन निवारण अधिनियम (पीएमएलए) के प्रावधानों के तहत की गई यह कार्रवाई जेपी समूह की कंपनियों – जेपी इंफ्राटेक लिमिटेड (जेआईएल) और जयप्रकाश एसोसिएट्स लिमिटेड (जेएएल) – और उनसे संबंधित संस्थाओं के खिलाफ नोएडा में जेपी विशटाउन और जेपी ग्रीन्स परियोजनाओं के घर खरीदारों से एकत्र किए गए धन की “बड़े पैमाने पर धोखाधड़ी” और दुरुपयोग की जांच से जुड़ी है।
संघीय जांच एजेंसी ने एक बयान में कहा कि जयप्रकाश सेवा संस्थान (जेएसएस) और पेज 3 बिल्डटेक प्राइवेट लिमिटेड की अचल संपत्तियों को जब्त करने का अंतरिम आदेश जारी किया गया है, जिनका संयुक्त वर्तमान बाजार मूल्य 400 करोड़ रुपये है। ईडी ने यह नहीं बताया कि दोनों पक्षों में से प्रत्येक के पास कितनी राशि है।

गौड़ जेएसएस के प्रबंध न्यासी हैं, जबकि पेज 3 बिल्डटेक नोएडा स्थित इन्वेस्टर्स क्लिनिक के संस्थापक कटियाल द्वारा “नियंत्रित और लाभकारी रूप से स्वामित्व” वाली है। गौड़ को नवंबर में ईडी द्वारा गिरफ्तार किया गया था और वर्तमान में न्यायिक हिरासत में जेल में हैं।

ईडी ने दावा किया कि दोनों कंपनियों (जेएसएस और पेज 3 बिल्डटेक) को दूसरे मद में खर्च की गयी गृह खरीदारों की रकम का एक “हिस्सा” प्राप्त हुआ था।
गौड़ के कानूनी प्रतिनिधि से टिप्पणी के लिए संपर्क नहीं हो सका, जबकि इन्वेस्टर्स क्लिनिक की प्रतिक्रिया का इंतजार है।

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