दिल्ली में अतिक्रमण हटाने के दौरान हिंसा, प्राथमिकी दर्ज; पांच लोग हिरासत में

दिल्ली में अतिक्रमण हटाने के दौरान हिंसा, प्राथमिकी दर्ज; पांच लोग हिरासत में

नयी दिल्ली, 7 जनवरी । दिल्ली के रामलीला मैदान इलाके में सैयद फैज इलाही मस्जिद के पास अतिक्रमण रोधी अभियान के दौरान हुई हिंसा के मामले में पुलिस ने प्राथमिकी दर्ज कर पांच लोगों को हिरासत में लिया है। पुलिस अधिकारियों ने बुधवार को यह जानकारी दी।

पुलिस के अनुसार, दिल्ली उच्च न्यायालय के आदेश पर दिल्ली नगर निगम (एमसीडी) मस्जिद और उससे सटे कब्रिस्तान के पास स्थित भूमि पर अतिक्रमण हटाने का अभियान चला रहा था। इसी दौरान कुछ लोगों ने पुलिसकर्मियों पर पथराव किया और कांच की बोतलें फेंकीं, जिससे कम से कम पांच पुलिसकर्मी घायल हो गए।

स्थिति को नियंत्रित करने और भीड़ को तितर-बितर करने के लिए पुलिस को आंसू गैस के गोले दागने पड़े। बाद में इलाके में अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया और कानून-व्यवस्था बहाल की गई।

पुलिस ने बताया कि पांच लोगों को पूछताछ और सीसीटीवी फुटेज से मिलान के लिए हिरासत में लिया गया है। साथ ही पथराव में शामिल अन्य लोगों की पहचान के प्रयास भी जारी हैं। पुलिस इस बात की जांच कर रही है कि हिंसा अचानक भड़की या यह अतिक्रमण रोधी अभियान को बाधित करने का पूर्व नियोजित प्रयास था।

वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों के मुताबिक, उपद्रवियों की पहचान के लिए सीसीटीवी कैमरों और सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो क्लिप का विश्लेषण किया जा रहा है। इसके अलावा गवाहों और हिरासत में लिए गए लोगों के बयान भी दर्ज किए जा रहे हैं।

इस मामले में भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 221 (लोक सेवक को लोक कार्यों के निर्वहन में बाधा डालना), 132 (लोक सेवक पर हमला या आपराधिक बल का प्रयोग), 121 (लोक सेवक को कर्तव्य से रोकने के लिए स्वेच्छा से चोट पहुंचाना), 191 (दंगा), 223(ए) (लोक सेवक द्वारा जारी आदेश की अवज्ञा) और 3(5) (संयुक्त दायित्व) के साथ-साथ लोक संपत्ति क्षति निवारण अधिनियम, 1984 के तहत प्राथमिकी दर्ज की गई है।

इस बीच, एमसीडी के एक वरिष्ठ अधिकारी ने स्पष्ट किया कि विध्वंस अभियान के दौरान सैयद फैज इलाही मस्जिद को कोई नुकसान नहीं पहुंचा। नगर निगम ने कहा कि यह कार्रवाई दिल्ली उच्च न्यायालय के निर्देशों के अनुपालन में की गई।

एमसीडी अधिकारियों के अनुसार, अभियान के तहत करीब 30 बुलडोजर और 50 डंपर तैनात किए गए थे। यह कार्रवाई रात भर चली, जिसमें 300 से अधिक एमसीडी अधिकारी और कर्मचारी शामिल रहे। अभियान के परिणामस्वरूप एक बड़े क्षेत्र को खाली कराया गया, जहां अदालत द्वारा अवैध घोषित संरचनाएं मौजूद थीं।

पुलिस ने बताया कि फिलहाल इलाके में स्थिति पूरी तरह नियंत्रण में है। एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा, “हालात सामान्य हैं और कानून-व्यवस्था बहाल कर दी गई है। हिंसा में शामिल पाए जाने वालों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।”

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