यूपी में पारिवारिक संपत्ति हस्तांतरण हुआ आसान, व्यावसायिक और औद्योगिक संपत्तियों पर भी मिली स्टाम्प शुल्क में राहत

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट की बैठक में पारिवारिक सदस्यों के बीच अचल संपत्ति के दान विलेख पर लगने वाले स्टाम्प शुल्क में राहत देने के प्रस्ताव को मंजूरी दी गई

लखनऊ, छह जनवरी  – उत्तर प्रदेश सरकार ने पारिवारिक संपत्ति के हस्तांतरण को सरल और किफायती बनाने के लिए बड़ा फैसला लिया है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट की बैठक में पारिवारिक सदस्यों के बीच अचल संपत्ति के दान विलेख पर लगने वाले स्टाम्प शुल्क में राहत देने के प्रस्ताव को मंजूरी दी गई।

इस फैसले के तहत अब पारिवारिक सदस्यों को दान की गई व्यावसायिक और औद्योगिक संपत्ति पर भी अधिकतम 5,000 रुपए ही स्टाम्प शुल्क देना होगा। इससे पहले यह छूट केवल कृषि और आवासीय संपत्तियों तक सीमित थी।

प्रदेश के स्टाम्प एवं पंजीयन मंत्री रवींद्र जायसवाल ने बताया कि 2022 से पहले परिवार के बीच संपत्ति देने पर पूरे सर्किल रेट के हिसाब से स्टाम्प शुल्क देना पड़ता था। 2022 में मुख्यमंत्री के नेतृत्व में यह नियम लागू हुआ कि आवासीय और कृषि संपत्तियों के दान पर अधिकतम 5,000 रुपए स्टाम्प शुल्क लगेगा। अब इसे व्यावसायिक और औद्योगिक संपत्तियों तक बढ़ा दिया गया है।

जायसवाल ने बताया कि शहरों में स्टाम्प शुल्क पहले 7 प्रतिशत और गांवों में 5 प्रतिशत होता था, लेकिन नए नियम के तहत अब किसी भी संपत्ति के दान पर केवल 5,000 रुपए का भुगतान होगा। इसके साथ ही अधिसूचना में परिभाषाओं और प्रावधानों को और स्पष्ट किया गया है, ताकि नियमों के क्रियान्वयन में किसी प्रकार का भ्रम न रहे।

इस निर्णय का उद्देश्य पारिवारिक संपत्ति के वैधानिक हस्तांतरण को प्रोत्साहित करना, प्रक्रिया को पारदर्शी बनाना और विवादों को कम करना बताया जा रहा है। सरकार ने इसे आम जनता के लिए एक महत्वपूर्ण कदम करार दिया है।

राज्य सरकार की ओर से कहा गया है कि यह छूट अधिसूचना के राजपत्र में प्रकाशित होने की तिथि से तत्काल प्रभाव से लागू हो जाएगी।

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