वाराणसी। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार को सीनियर नेशनल वॉलीबॉल चैंपियनशिप का वर्चुअल शुभारंभ करते हुए काशी की खेल परंपराओं की खुलकर प्रशंसा की। अपने संबोधन में उन्होंने वाराणसी की कुश्ती, अखाड़ों, कबड्डी और विशेष रूप से नौका दौड़ का उल्लेख किया। प्रधानमंत्री की इस टिप्पणी के बाद काशी में जल क्रीड़ा के विकास को लेकर नई उम्मीदें जगी हैं।
गौरतलब है कि वाराणसी में लंबे समय से रैदास घाट से राजघाट के बीच नौका दौड़ के लिए आवश्यक सुविधाएं विकसित करने की कोशिशें चल रही हैं। उत्तर प्रदेश सरकार के तत्कालीन अपर मुख्य सचिव (खेल) नवनीत सहगल ने वाराणसी में स्पीड बोट रेस आयोजित कराने के लिए विशेष प्रयास किए थे। इस दिशा में सर्वेक्षण कार्य भी पूरा किया जा चुका है।
जिला नौकायन संघ के अध्यक्ष डॉ. ए.के. सिंह के अनुसार, रैदास घाट से राजघाट तक का क्षेत्र करीब सात किलोमीटर लंबा और 50 मीटर से अधिक चौड़ा है, जो हर तरह की नौका दौड़ के लिए उपयुक्त है। उन्होंने बताया कि लखनऊ और प्रयागराज की तर्ज पर वाराणसी में भी एक बोट क्लब स्थापित करने की योजना है, जो गंगा और वरुणा नदी में अपनी गतिविधियां संचालित करेगा।
डॉ. सिंह ने कहा कि इस प्रस्ताव को लेकर कई बार पर्यटन विभाग से बातचीत हुई, लेकिन अब तक कोई ठोस परिणाम सामने नहीं आया। हालांकि, प्रधानमंत्री मोदी द्वारा नौका दौड़ का सार्वजनिक रूप से उल्लेख किए जाने के बाद उम्मीद है कि बनारस बोट क्लब की फाइल को गति मिलेगी और काशी में जल क्रीड़ा को नए पंख लगेंगे।
प्रधानमंत्री की इस पहल से न केवल खेल गतिविधियों को बढ़ावा मिलने की संभावना है, बल्कि पर्यटन और स्थानीय युवाओं के लिए भी नए अवसर खुल सकते हैं।
